उत्तर प्रदेश: हिमालय क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के चलते पश्चिमी उत्तर प्रदेश यूपी में कड़ाके की सर्दी और कोहरा पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार नए साल के पहले दिन कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी से ठंड और इजाफा हो सकता है। पहाड़ों में हो रही ताजा बर्फबारी से मैदानी इलाकों में ठंड और गलन बढ़ गई है। अगले 72 घंटों तक ठंड और कोहरे से राहत मिलने की संभावना कम ही है। मौसम के ताजा हालात देखते हुए ऐसा लग रहा है कि मेरठ सहित पूरे वेस्ट यूपी में नए साल का आगाज भी कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच होने जा रहा है।
साल के अंतिम दिनों में ठंड और कोहरा, दोनों अपने चरम पर महसूस किए जा रहे हैं और अगले दो दिनों तक इससे राहत की उम्मीद कम ही दिखाई दे रही है। हिमालय क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हो चुकी है, जिसका असर मैदानी इलाकों में दिखाई दे रहा है। एक जनवरी को वेस्ट यूपी के कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी की संभावना बन रही है, जिससे तापमान में और अधिक गिरावट आ जाएगी।
प्रदेश के अधिकांश जिलों में सुबह और रात के समय दृश्यता घटकर 10 से 20 मीटर रह गई है। हाईवे पर वाहन बहुत धीमी गति से चल रहे हैं। ट्रेन और बसें घंटों की देरी से चल रही हैं, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ठंड के साथ स्मॉग ने भी लोगों की मुश्किलों में इजाफा किया है। मौसम विभाग ने कई जिलों में कोहरे का अलर्ट जारी किया है। कोहरे से रेल, हवाई जहाज और सड़क यातायात पर असर पड़ा है। मौसम विभाग का कहना है कि नए साल पर यूपी में न सिर्फ बादल डेरा जमाएंगे, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में हल्की बारिश भी हो सकती है।
बर्फ़ीली हवाओं के कारण समूचा यूपी शीतलहर का कहर लगातार झेल रहा है। ऐसे में दिन के समय में भी तापमान सामान्य से काफी कम रिकॉर्ड किया जा रहा है। सुबह सवेरे यूपी में कोहरे की चादर अधिकांश जिलों में देखी जा रही है। साल 2025 के अंतिम दिन यानी 31 दिसंबर को भी प्रदेश के कई जिलों में मौसम ऐसा ही बना हुआ है।भारतीय मौसम विभाग का भी अनुमान है कि अगले 24 घंटों में कई जिलों में हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है। 31 दिसंबर को पूर्वी यूपी के साथ पश्चिमी यूपी के कई जिलों में भयंकर कोहरा नजर आ सकता है। इसको लेकर आईएमडी ने ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।कोहरे का सीधा असर रेल और हवाई सफर के अलावा सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार पर भी देखने को मिलेगा।
