उत्तराखंड: नए वर्ष का बेसब्री से इंतजार कर रहे लोगों ने बुधवार रात को जमकर जश्न मनाया जिसके चलते पहाड़ से लेकर मैदानी इलाकों तक मस्ती की खुमारी छाई रही। मध्य रात्रि में जैसे ही घड़ी की सुइयों ने 12 बजाया होटल, रेस्टोरेंट, सोसाइटी और कॉलोनियों व मोहल्लों के साथ घरों में लोग खुशी से झूम उठे। इस अवसर पर आसमान आतिशबाजी की रंगबिरंगी रोशनी से जगमगा उठा। आतिशबाजी के धूम धड़ाके के साथ लोगों ने 2025 को अलविदा कहा और 2026 का तहे दिल से स्वागत किया।
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के विभिन्न होटल, रेस्टोरेंट और सोसाइटी में नववर्ष की पूर्व संध्या पर रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था। इन कार्यक्रमों में कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुति से समा बांध दिया। पहाड़ों की रानी मसूरी में भी पर्यटकों ने नए साल का जमकर जश्न मनाया। होटलों में आयोजित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों में पर्यटक लोेेकसंगीत पर देर रात तक थिरकते रहे। स्प्रिंग रोड़, कुलड़ी, मालरोड़ जैसे क्षेत्रों में देर रात तक चहल पहल बनी रही। हालांकि इस बार कम संख्या में पर्यटक मसूरी पहुंचे। करीब 50 फीसदी होटल ही पैक रहे। मसूरी होटल एसोसिएशन के अनुसार , इस बार 31 दिसंबर बुधवार को सप्ताह के मध्य में पड़ा। इसका सीधा असर मसूरी के पर्यटन पर दिखाई दिया और उम्मीद के मुताबिक पर्यटक मसूरी नहीं पहुंचे। इस बार नव वर्ष पर पचास फीसदी के करीब होटल पैक रहे।
सरोवर नगरी नैनीताल में भी लोगों ने नववर्ष का स्वागत हर्षोल्लास के साथ किया। बुधवार रात 12 बजते ही सारे शहर में हैप्पी न्यू ईयर की गूंज सुनाई दी। होटल, रेस्टोरेंट, मॉल रोड़ सहित कई जगहों पर लोग नए साल के स्वागत में झूम उठे। शहर में खूब आतिशबाजी हुई और लोगों ने नए साल 2026 का स्वागत किया। नए साल का जश्न मनाने पहुंचे पर्यटकों ने देर रात तक मौज-मस्ती का आनंद लिया।
बीते वर्ष 31 दिसंबर के मौके पर उम्मीद से कम पर्यटक नैनीताल पहुंचे, जिससे होटल व्यवसाई और कारोबारी निराश नजर आए। नगर में केवल उन्हीं वाहनों को प्रवेश करने दिया गया जिनके पास पार्किंग वाले होटलों की एडवांस बुकिंग थी। देर शाम के बाद से शहर की मॉल रोड़, नयना देवी मंदिर और पंत पार्क सहित कई जगहों पर पर्यटकों का अनजाना बना रहा जिससे शहर में खासी चहलपहल नजर आई।
