उत्तर प्रदेश: नए साल के पहले दिन उत्तर प्रदेश के झांसी में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई की। सीबीआई ने 70 लाख की रिश्वत लेते सेंट्रल जीएसटी के तीन अफसरों को पकड़कर डेढ़ करोड़ रूपए से अधिक बरामद किए हैं। झांसी में सेंट्रल जीएसटी अफसरों ने अपनी तैनाती के दौरान अकूत संपत्ति जमा कर ली थी। उनके आलीशान मकान एवं रहन-सहन देख सीबीआई टीम भी दंग रह गई। छापे के दौरान सीबीआई ने रुपयों सहित सोने-चांदी की ईंट एवं जेवरात भी बरामद किए हैं। अफसरों के घरों से नकदी बिस्तर के गद्दों में छिपाकर रखी गई थी, जिसे गद्दे फाड़कर बरामद किया गया। नकदी की भारी मात्रा देखकर उसे गिनने के लिए मशीनें मंगवानी पड़ीं।

बुधवार सुबह सीबीआई टीम सर्वप्रथम सेवाराम मिल कंपाउंड निवासी अनिल तिवारी के घर पहुंची। यहां महंगे फर्नीचर समेत लग्जरी वस्तुओं और महंगे आइटमों से घर को सजाया गया था। सीबीआई यहां से कई गोपनीय फाइलें भी जब्त कर अपने साथ ले गई। पिछले करीब पच्चीस वर्षों से झांसी में तैनात अनिल के घर से नकदी भी बरामद हुई। अनिल जीएसटी से जुड़े सारे विवादित मामलों का निस्तारण करने में सहायता करते थे। उनका दो साल पहले आगरा तबादला हो गया था लेकिन, कुछ महीनों बाद वह दोबारा झांसी आ गए। अपनी वर्षों की तैनाती के दौरान अनिल ने अकूत संपत्ति इकट्ठा कर ली।

अनिल के अलावा स्टेशन रोड निवासी अजय शर्मा ने भी अपनी चार साल की तैनाती में अकूत संपत्ति एकत्रित कर ली थी। उसके घर में भी लग्जरी आइटमों की भरमार और बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई। इन दोनों के पश्चात् सीबीआई की टीम ने प्रभा भंडारी से पूछताछ की।
डिप्टी कमिश्नर आईआरएस प्रभा भंडारी की छह महीने पहले ही यहां तैनाती हुई थी। उन्होंने अपनी तैनाती के बाद पूरा कार्यालय अनिल और अजय के हवाले कर दिया था। जांच में सामने आया कि प्रभा ने कुछ महीने पहले ही 68 लाख रुपए का फ्लैट भी खरीदा था।

उनके साथ जीएसटी मामलों के अधिवक्ता नरेश कुमार गुप्ता समेत जय दुर्गा हार्डवेयर के मालिक राजू मंगनानी को भी सीबीआई ने पकड़ा। इन सभी को पूछताछ के लिए गोपनीय जगह ले जाया गया है जहां इनसे पूछताछ की जा रही है। सीबीआई ने अपनी इस कार्रवाई की भनक स्थानीय स्तर पर किसी को नहीं लगने दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार , सीबीआई टीम ने मंगलवार को ही कार्रवाई के लिए झांसी में डेरा डाल दिया था। सीबीआई को ज्ञात हुआ था कि ट्रैप कार्रवाई रोकने के लिए झांसी में सेंट्रल जीएसटी अफसर बड़े लेनदेन की फिराक में हैं, जिसके बाद से यह अफसर सीबीआई के रडार पर आ गए थे।

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