उत्तराखंड: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को नैनीताल जिले में निर्माणाधीन बहुउद्देशीय जमरानी बांध परियोजना का सर्वेक्षण किया और चल रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने सिंचाई एवं राजस्व विभाग के साथ बैठक आयोजित कर उपस्थित अधिकारियों को निर्माण कार्य को तय समय में यथाशीघ्र पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया। सीएम धामी ने अधिकारियों को परियोजना में स्थानीय लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए उन्हें रोजगार उपलब्ध कराए जाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने सबसे पहले उत्तराखंड की जनता की तरफ से पीएम मोदी का धन्यवाद दिया क्योंकि उनके नेतृत्व में ही इस परियोजना को मंजूरी मिल पाई है। यह परियोजना 6 दशक से भी ज्यादा समय से लंबित थी। काफी समय बीत गया, कई सरकारें आईं-गईं लेकिन काम शुरू नहीं हो पाया। इस परियोजना को 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हमारा प्रयास रहेगा कि इस परियोजना को समय पर पूरा कर लिया जाए। उन्होंने राजस्व विभाग को यह सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए कि यदि कोई प्रभावित मुआवजे से वंचित रह गया हो, तो उसे यथाशीघ्र मुआवजा उपलब्ध करा दिया जाए।
सीएम धामी ने कहा कि परियोजना के निर्माण से न सिर्फ पीने के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। जमरानी बांध परियोजना के तहत शहर में नहरों के जीर्णाेद्धार और पुनर्निर्माण कार्य का श्रीगणेश हो गया है। कुमाऊं आयुक्त ने शुक्रवार को जमरानी बांध परियोजना के निर्माण कार्यों की समीक्षा की। कैंप कार्यालय में आयोजित हुई बैठक में आयुक्त ने परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए किच्छा के पराग फार्म में बनाई जा रही आवासीय कॉलोनी के निर्माण कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह सभी निर्माण कार्य तय समय सीमा के अंदर एवं उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे कराए जाने सुनिश्चित करें।
आपको बता दें कि जुलाई 2027 तक 40 किमी लंबी नहरों का पुनर्निर्माण किया जाना है। कार्य के दौरान तय समय के अनुसार सिंचाई के लिए पानी भी छोड़ा जाना प्रस्तावित है।
