मध्य प्रदेश: इंदौर में तिल चतुर्थी के पावन अवसर पर खजराना गणेश मंदिर में गणेशजी को सवा लाख तिल-गुड़ लड्डुओं का महाभोग अर्पित किया गया। इस अवसर पर पवित्र ध्वजा पूजन के साथ तीन दिवसीय पारंपरिक मेले का श्रीगणेश किया गया।
1735 में खजराना गणेश मंदिर की स्थापना भी तिल चतुर्थी के मौके पर ही हई थी। उस वक्त देवी अहिल्याबाई होलकर ने इस मंदिर की नींव रखी थी। खजराना गणेश मंदिर परिसर में लगने वाले तिल चतुर्थी मेले में प्रत्येक वर्ष की भांति इस बार भी लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
इस अवसर पर मंदिर के पुजारी द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बप्पा के दरबार में लड्डुओं का भोग लगाया गया। इसके पश्चात मंदिर प्रबंधन समिति ने खजराना गणेश को भोग समर्पित कर प्रसाद वितरण के कार्य का शुभारंभ किया।
श्रीगणेश को सपरिवार स्वर्ण आभूषणों से सुशोभित किया गया। इससे पूर्व भक्त मंडल ने ध्वजा पूजन कर महाआरती की। 7 जनवरी को गणेशजी को गोंद के लड्डुओं तथा 8 जनवरी को उड़द के लड्डुओं का भोग भी लगाया जाएगा। मंदिर की प्रबंधन समिति के अलावा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भी प्रसाद वितरण में सहयोग किया और सभी कार्यों में बढ़चढ़ कर उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
तिल चतुर्थी मेले के लिए मंदिर परिसर को फूलों और आकर्षक रोशनी से सजाया गया है। बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले और मेले में विभिन्न प्रकार के स्टॉल लगाए गए हैं। श्रद्धालुओं को कम समय में दर्शन हो सकें इसके लिए उचित व्यवस्था की गई है। दान के लिए QR कोड, वेबसाइट और मोबाइल एप की सुविधा भी प्रदान की जा रही है।
चतुर्थी व्रत चंद्रोदय के दर्शन के बाद पूर्ण होता है। आज चंद्रोदय रात्रि 9 बजकर 4 मिनट पर होने का अनुमान है। चतुर्थी तिथि सुबह 8 बजकर 20 मिनट पर प्रारंभ हुई और 7 जनवरी सुबह 6 बजकर 53 मिनट पर समाप्त होगी। पूरे समय सर्वसिद्धि योग रहेगा, जो श्रद्धालुओं के लिए अति मंगलकारी माना जा रहा है।
