महाराष्ट्र: मुंबई निकाय चुनाव में अंबरनाथ में कांग्रेस से और अकोट में औवेसी की पार्टी एआईएमआईएम से भाजपा के गठबंधन पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कड़ी प्रतिक्रिया ज़ाहिर की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह का ऐसा गठबंधन करने के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व से मंजूरी नहीं मिली है। अंबरनाथ में भाजपा ने कांग्रेस और अजित पवार की एनसीपी के साथ गठबंधन कर नगर परिषद का अध्यक्ष बनाया है। वहीं अकोट नगर परिषद में भाजपा ने ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के साथ गठबंधन किया है।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्थानीय भाजपा इकाई के इस कृत्य को संगठन विरोधी करार देने के साथ कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा ऐसे गठबंधन को तुरंत समाप्त करने के साथ पार्टी के निर्देशों का उल्लंघन करने वाले नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस तरह के किसी भी तरह के गठबंधनों को पार्टी का वरिष्ठ नेतृत्व मंजूरी नहीं देता है और यह संगठनात्मक अनुशासन की अवहेलना है। अपने बयान में सीएम ने कहा कि भाजपा कभी भी कांग्रेस या एआईएमआईएम के साथ गठबंधन नहीं कर सकती।

सीएम फडणवीस ने कहा कि ऐसे गठबंधन को रद्द करने के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं और इसमें शामिल नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

ठाणे जिले के अंबरनाथ नगर परिषद में भाजपा ने कांग्रेस और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ मिलकर ‘अंबरनाथ विकास अघाड़ी’ के बैनर तले नगर परिषद का नेतृत्व संभाला और सहयोगी शिवसेना को दरकिनार कर दिया। भाजपा पार्षद तेजश्री करंजुले पाटिल बुधवार को शिवसेना की मनीषा वालेकर को हराकर परिषद अध्यक्ष चुनी गईं।

बुधवार को कांग्रेस ने अंबरनाथ में गत महीने हुए नगर निकाय चुनावों के बाद भाजपा के साथ गठबंधन कर जीतने वाले 12 नए पार्षदों और अपने ब्लॉक अध्यक्ष को पार्टी से निलंबित कर दिया। चिर प्रतिद्वंद्वी पार्टियों भाजपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर विवाद के बाद कांग्रेस ने पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। कांग्रेस ने अपने अंबरनाथ ब्लॉक को निलंबित कर दिया और उसकी ब्लॉक इकाई को भंग कर दिया गया है।

भाजपा ने एआईएमआईएम के साथ मिलकर ‘अकोट विकास मंच’ का गठन किया। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना, एकनाथ शिंदे की शिवसेना, अजित पवार की एनसीपी, शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी और प्रहार जनशक्ति पार्टी का भी इसमें योगदान रहा। 35 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने 11 सीटों पर सफलता प्राप्त की, जबकि एआईएमआईएम को 05 सीटें हासिल हुई। अन्य दलों के समर्थन से गठबंधन की कुल संख्या 25 के आंकड़े पर पहुंचने में सफल रही। भाजपा की माया धुले ने महापौर का चुनाव जीत लिया और अब 13 जनवरी को उप महापौर और समिति के चुनाव होने शेष हैं।

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