उत्तराखंड: उत्तराखंड में मुकदमों का तेजी से निस्तारण करने के लिए 16 विशेष न्यायालय बनाए जाएंगे। राज्य के चार बड़े जिलों में 07 एडीजे और 09 एसीजेएम स्तर के न्यायालय बनेंगे। चीफ जस्टिस की अध्यक्षता में गठित कमेटी की संस्तुतियों पर कैबिनेट ने इसे स्वीकृति प्रदान कर दी है। इन न्यायालयों के लिए नए पदों के सृजन के लिए भी कैबिनेट से हरी झंडी मिल गई है। नए न्यायालयों के गठन से पॉक्सो, भ्रष्टाचार, एनडीपीएस जैसे मुकदमों का तेजी से निपटारा किया जा सकेगा।
बता दें कि उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया था। इस समिति ने प्रदेश में पॉक्सो, एनडीपीसी, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम जैसे मामलों के तेजी से निपटारे के लिए विशेष अदालतों के गठन की संस्तुति की थी जिसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इसके अलावा विशेष अदालतों के गठन के निर्देश भी पारित किए गए थे। ये विशेष न्यायालय ऐसे राज्यों में गठित होंगे जहां विचाराधीन कैदियों की संख्या ज्यादा है। इन अदालतों के गठन के पश्चात् विचाराधीन मुकदमों का तेजी से निस्तारण हो सकेगा।इसके प्रथम चरण में राजधानी देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर में 16 विशेष अदालतों का गठन किया जाएगा।
