उत्तर प्रदेश : नोएडा में हुए श्रमिकों के उग्र प्रदर्शन की जांच में यूपी एसटीएफ और पुलिस ने इस पूरे प्रकरण का मास्टमाइंड गिरफ्तार सॉफ्टवेयर इंजीनियर आदित्य आनंद को बताया है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस जांच में आदित्य की एक अल्ट्रा लेफ्ट नामक संगठन से करीबी रिश्ते भी सामने आए हैं।

नोएडा के औद्योगिक सेक्टरों में 13 अप्रैल को वेतनवृद्धि की मांग पर श्रमिकों के प्रदर्शन में हुई हिंसा के तार पश्चिम बंगाल चुनाव से जुड़े पाए जा रहे हैं। यूपी एसटीएफ और पुलिस ने इस पूरे प्रकरण का मास्टमाइंड सॉफ्टवेयर इंजीनियर आदित्य आनंद को मानकर उसे गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में यह भी मालूम हुआ है कि नोएडा में श्रमिकों के आंदोलन को भड़काने के लिए पश्चिम बंगाल से भी युवकों का समूह बुलाया गया था।

जानकारी के मुताबिक, मार्च के अंतिम सप्ताह में पश्चिम बंगाल में इसे लेकर एक बैठक हुई थी। जिसके पश्चात वहां से नोएडा निवासी आदित्य के पास तीन महिलाओं और एक युवक को भेजा गया था। सुनियोजित तरीके से नोएडा में श्रमिकों को आंदोलित कर हड़ताल की शुरुआत कराई गई। इसका मकसद कानून व्यवस्था और औद्योगिक विकास के लिए उत्तर प्रदेश का ब्रांड बन चुके नोएडा का नाम खराब करना था। हिंसा की जांच में सामने आए इस राजनीतिक एंगल को जांच एजेंसियां और ज्यादा टटोल रही हैं। हालांकि सार्वजनिक तौर पर इसका खुलासा अभी नहीं किया गया है।

दिल्ली में बीटेक पास दो युवक समेत चार लोगों को हिरासत में लिया गया है। एसटीएफ और पुलिस की टीमों द्वारा हिरासत में लिए गए इन चार संदिग्ध लोगों में से दो बीटेक पास और अन्य परास्नातक पास हैं। इनमें से दो को लेकर पुलिस ने नोएडा व दिल्ली में कई स्थानों पर छापेमारी की है जिससे एक अन्य की गिरफ्तारी भी जल्द हो सकती है।शनिवार को तमिलनाडु के तिरुचापल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किए गए आदित्य आनंद उर्फ रस्टी को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर पुलिस टीम नोएडा पहुंची। इसे फ्लाइट से दिल्ली तक लाया गया। उसे नोएडा लाने के बाद जिला न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अब पुलिस पूरी हिंसा की जांच के लिए आरोपी की रिमांड मांगेंगी।

कहा जा रहा है कि कागज श्रमिक आंदोलन को तेज करने के लिए बनाई गई रणनीति से जुड़े हुए हैं। एसटीएफ के खुलासे में आदित्य के फ्लैट पर कई संगठनों की बैठक की बात सामने आ चुकी है। पुलिस जांच में पता चला है कि आदित्य आसपास के लोगों से बातचीत नहीं करता था। अक्सर कुछ युवक उसके घर के पास शाम को आते थे। जिनके साथ वह कहीं चला जाता था। उसकी गिरफ्तारी की सूचना मिलने के बाद आसपास के लोग भी हैरान हैं।

शनिवार को तमिलनाडु के तिरुचापल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किए गए आदित्य आनंद उर्फ रस्टी को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर पुलिस टीम नोएडा पहुंची। नोएडा लाने के पश्चात उसे जिला न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अब पुलिस पूरी हिंसा की जांच के लिए आरोपी का रिमांड मांगने की तैयारी में है। गिरफ्तार आरोपी सेक्टर-37 में किराये के फ्लैट में रहता था। फेज-2 पुलिस और एसटीएफ की टीमों ने फ्लैट की तलाशी ली है जहां से डायरी और कुछ कागज़ात बरामद हुए हैं।

बताया जा रहा है कि बरामद कागजात श्रमिक आंदोलन को उग्र करने के लिए बनाई गई रणनीति से जुड़े हुए हैं। एसटीएफ के खुलासे में आदित्य के फ्लैट पर कई संगठनों की बैठक होने की बात भी सामने आ चुकी है। पुलिस जांच में पता चला है कि आदित्य आसपास के लोगों से ज्यादा बातचीत नहीं करता था। शाम के वक्त अक्सर कुछ युवक उसके घर के पास आते थे जिनके साथ वह कहीं चला जाता था। उसकी गिरफ्तारी की सूचना मिलने के बाद से आसपास के लोग भी हैरान हैं।

नोएडा पुलिस ने श्रमिकों के प्रदर्शन में हुई हिंसा में मजदूर बिगुल दस्ता के एक और सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान हिमांशु निवासी आदर्श नगर दिल्ली के रूप में हुई है । पुलिस के अनुसार, आरोपी बिगुल दस्ता का सक्रिय सदस्य है और हिंसा के मास्टरमाइंड आदित्य आनंद से निरंतर संपर्क में था। हिंसा वाले दिन वह नोएडा में ही मौजूद था और फेज-2 औद्योगिक क्षेत्र में भी आरोपी सक्रिय था।

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