बिहार: बिहार में बोधगया के विश्व प्रसिद्ध महाबोधि मंदिर और आसपास के क्षेत्रों के संपूर्ण विकास के लिए प्रस्तावित महाबोधि कॉरिडोर परियोजना को लेकर प्रशासनिक स्तर पर गतिविधियों में तेजी आ गई है। जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में पर्यटन, आधारभूत संरचना और स्थानीय रोजगार को केंद्र में रखते हुए विभिन्न स्टेकहोल्डर्स से सुझाव प्राप्त किए गए।
बोधगया स्थित विश्व प्रसिद्ध महाबोधि मंदिर एवं आसपास के क्षेत्रों के समुचित विकास को लेकर प्रस्तावित महाबोधि कॉरिडोर परियोजना पर प्रशासन ने कमर कस ली है। इसी क्रम में जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में बोधगया बीटीएमसी सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया जिसमें पर्यटन, आधारभूत संरचना और स्थानीय रोजगार को केंद्र में रखकर व्यापक रणनीति बनाने पर विचार – विमर्श हुआ।
इस बैठक में बोधगया विधानसभा क्षेत्र के विधायक, नगर परिषद अध्यक्ष, बीटीएमसी सचिव, होटल एवं टूर एंड ट्रैवल एसोसिएशन, मठाधीश, टूरिस्ट गाइड एसोसिएशन, वार्ड पार्षद समेत स्टेकहोल्डर्स ने हिस्सा लिया और अपने सुझाव उपस्थित लोगों के समक्ष प्रकट किए।
जिला पदाधिकारी के अनुसार, विकास योजना का केंद्र महाबोधि मंदिर को बनाया जाएगा। कॉरिडोर का डिजाइन इस प्रकार तैयार किया जा रहा है कि बोधगया वैश्विक पर्यटन मानकों के अनुरूप विकसित हो सके। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार व बेहतर सुविधाओं का लाभ भी मिल सकेगा। योजना के पहले चरण में एयरपोर्ट से बोधगया तक आने वाले पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने पर फोकस किया जाएगा।
योजना के तहत विभिन्न नोड विकसित किए जाएंगे। जहां नोड – 1 में पार्किंग की व्यवस्था होगी, वहीं नोड -2 में भोजन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। मंदिर तक पैदल मार्ग पर भगवान बुद्ध के विचारों और जीवन दर्शन से जुड़ी जानकारी प्रदर्शित करने की रूपरेखा तैयार की जा रही है। जयप्रकाश उद्यान का सौंदर्यीकरण किया जाएगा और नदी किनारे घाटों का निर्माण होगा, जिसका लाभ श्रद्धालुओं को छठ पूजा के दौरान मिलेगा।
परियोजना में विश्वस्तरीय रेस्टोरेंट, दीर्घ पार्किंग स्थल, आधुनिक शौचालय और पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सम्मिलित है। फुटपाथ और सब्जी विक्रेताओं के लिए दुकानें व्यवस्थित रूप से उपलब्ध कराने की भी योजना है। रिवर साइड रोड से बोधगया तक डबल लेन सड़क का निर्माण किया जाएगा और पटना से आने वाले पर्यटकों के लिए दोमुहान के पास बड़े साइनेज लगाने की योजना तैयार की जा रही है।
इसके अलावा आधुनिक सुविधाओं से युक्त अस्पताल का निर्माण, बोधगया मठ का सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में पांच बड़े प्रवेश एवं निकास द्वार बनाने का प्रस्ताव है। जिले की हस्तशिल्प कला जैसे पत्थर कला, गम्हार लकड़ी और ताड़ पत्ते से बने उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए आर्ट एंड क्राफ्ट विलेज भी विकसित किया जाना योजना में शामिल है।
इस परियोजना के तहत फल्गु नदी बाईपास से महाबोधि मंदिर तक ग्रीन पार्क विकसित करने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि पर्यटक पैदल भ्रमण और मेडिटेशन का लाभ उठा सकें। नदी किनारे बसे ग्रामों के सम्मुख छठ घाटों के निर्माण को भी इस परियोजना का हिस्सा बनाया जाएगा।
