उत्तराखंड : विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा को लेकर देवभूमि उत्तराखंड अब पूर्ण रूप से तैयार है। ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप में यात्रियों के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही सभी व्यवस्थाएं चाक – चौबंद कर दी गई हैं। शनिवार को प्रदेश के मुखिया पुष्कर सिंह धामी यात्रियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

चारधाम यात्रा पंजीकरण प्रभारी के अनुसार, सुबह छह बजे से सभी 30 काउंटरों पर पंजीकरण शुरू कर दिया गया है। इनमें से 24 काउंटर ट्रांजिट कैंप में और छह काउंटर आईएसबीटी में खुले हैं। सर्वप्रथम नेपाल से आए यात्रियों ने अपना पंजीकरण कराया।

यात्रा प्रशासन के विशेष कार्याधिकारी के मुताबिक यात्रियों की सुविधा के लिए सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। एसडीएम ने भी नगर निगम के अधिकारियों के साथ बैठक कर साफ सफाई दुरुस्त करने और ट्रांजिट कैंप में कर्मचारियों की व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। तय कार्यक्रम के अनुरूप मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी यात्रियों के वाहनों को हरी झंडी दिखा कर रवाना करेंगे।

आईएसबीटी स्थित सभागार में एसपी देहात के नेतृत्व में बैठक हुई। ट्रांसपोर्टरों ने बताया कि यात्रा के दौरान कई डग्गामार वाहन संचालित किए जाते हैं जिनको रोकने के उपाय किए जाने चाहिएं। इस पर एआरटीओ प्रवर्तन ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान जिन वाहनों की उसी दिन की टोल पर्ची होगी केवल उनका ही ग्रीन कार्ड बनाया जा रहा है। दूसरे राज्यों में पंजीकृत वाहनों के लिए 15 दिन की अवधि का ग्रीन कार्ड बनता है। यात्रा के लिए नया नियम बनाया गया है जिसके तहत राज्य के वाहन अपने राज्य के अंदर से ही यात्रियों को उठाएंगे और उन्हें राज्य के अंदर ही छोड़ेंगे। नगर आयुक्त ने व्यापारियों से नाली के ऊपर से अतिक्रमण हटाने के लिए भी निर्देशित किया।

चारधाम यात्रा के सफल संचालन के लिए परिवहन विभाग ने भद्रकाली मंदिर में पूजा अर्चना की। एआरटीओ प्रशासन और एआरटीओ प्रवर्तन ने पूजा अर्चना कर चारधाम यात्रा के सफल संचालन की कामना की।

वहीं शनिवार को उत्तरकाशी में आर्मी बैंड व ढोल दमाऊ की अगुवाई में गंगा जी की विग्रह डोली मुखबा से गंगोत्री धाम के लिए रवाना की जाएगी। बता दें कि मुखबा गांव के ग्रामीणों के लिए गंगा जी की विदाई का समय भावुकता से भरा होता है।

तीर्थ पुरोहितों और श्रद्धालुओं के संग गंगा की डोली मुखबा-जांगला के सात किमी लंबे जोखिमभरे मार्ग से गुजरते हुए रात्रि विश्राम के लिए भैरो घाटी पहुंचेगी। भैरो मंदिर में रात्री विश्राम के पश्चात डोली रविवार सुबह गंगोत्री धाम के लिए रवाना होगी। धाम में विशेष पूजा अर्चना के उपरांत अक्षय तृतीय के शुभ अवसर पर गंगोत्री धाम के कपाट दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर श्रद्धालुओं के लिए आगामी छह माह के लिए खोल दिए जाएंगे।

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