उत्तर प्रदेश : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार अरिजीत रॉय के पक्ष में जनसभा को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इस बार बंगाल में तृणमूल का सूपड़ा साफ हो जाएगा और हम बंगाल में गोमाता को नहीं कटने देंगे।

वीरवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक बार फिर पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में उतरे। बाराबनी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार अरिजीत रॉय के पक्ष में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कांग्रेस, वामपंथियों और तृणमूल कांग्रेस को कठघरे में खड़ा किया और भाजपा के विकास कार्यों की बात की। जनसभा स्थल पर लोग वाहनों व घरों की छतों और पेड़ों पर चढ़कर मुख्यमंत्री की एक झलक देखने के लिए बेताब नजर आए।

बंगाल की भूमि पर तृणमूल कांग्रेस को चुनौती देते हुए सीएम योगी ने मतदाताओं से कहा कि टीएमसी के गुंडों, माफिया या मौलाना किसी से भी भयभीत न होएं। राज्य में एक बार डबल इंजन की भाजपा सरकार आने दीजिए, ये सभी आपकी चाटुकारिता करते और बंगाल की सड़कों पर झाड़ू लगाते नजर आएंगे।

सीएम ने कहा कि आप लोग अरिजीत को जिताइए और टीएमसी का सूपड़ा साफ कर दीजिए। जब यहां मेरा कार्यक्रम लगा तो तृणमूल के गुंडे इस प्रयास में लग गए कि सभा न होने पाए, इसके लिए भाजपा का झंडा उखाड़ने का भी प्रयास किया गया। अरिजीत का अर्थ होता है जो शत्रु को जीत सके, तो आप लोग उन्हें जिताएं और डबल इंजन सरकार लाएं, टीएमसी का सूपड़ा अपने आप साफ हो जाएगा। पीएम मोदी के नेतृत्व में डबल स्पीड से सारी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। आज भाजपा ही सुरक्षा-समृद्धि, उज्ज्वल भविष्य की गारंटी है।

सीएम योगी ने कहा कि भाजपा गारंटी देती है कि बंगाल में दंगा नहीं होगा और कर्फ्यू भी नहीं लगेगा। गोमाता को कटने नहीं दिया जाएगा और हम हिंदुओं को बंटने नहीं देंगे। पहले कांग्रेस, फिर वामपंथियों और 15 वर्ष से टीएमसी ने यहां पहचान का संकट खड़ा कर दिया है। बंगाल कभी कल्चरल कैपिटल के रूप में देश को दिशा देता था, लेकिन इसे क्राइम कैपिटल बनाकर इसकी पहचान पर ही संकट खड़ा कर दिया गया। आजादी के बाद बंगाल विकास के पथ पर बढ़ रहा था और यह देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन था। इकॉनमिक लीडर के रूप में बंगाल की तूती बोलती थी।

यहां किसान प्रसन्न था, नौजवान को नौकरी-रोजगार मिल रहा था, मछली-चावल उत्पादन बढ़ रहा था। परन्तु कांग्रेस, वामपंथियों और टीएमसी ने राज्य को भय, भ्रष्टाचार तथा अराजकता का केंद्र बना दिया। मछली उत्पादन कम हो गया और चावल उत्पादन भी घट गया। यहां के संसाधनों पर माफिया हावी हो गया है तथा नौजवान के लिए नौकरी-रोजगार गायब हो चुका है। किसानों को अपनी उपज का उचित दाम नहीं मिल पाता। यूपी में आलू का दाम 15 रुपए किलो है और बंगाल में यह मात्र एक रुपए मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 साल पूर्व इससे भी बुरी स्थिति उत्तर प्रदेश की थी जहां हर दूसरे-तीसरे दिन दंगा होता रहता था। व्यापारी, बहन-बेटी सब असुरक्षित महसूस करते थे। गुंडागर्दी और अपराध चरम पर था और माफिया सिस्टम पर हावी थे। जनता के विकास के लिए आने वाले धन पर डकैती पड़ती थी, लेकिन डबल इंजन की भाजपा सरकार ने सबका उपचार कर दिया।

आज उत्तर प्रदेश बहुत परिवर्तित हो चुका है। अब वहां कोई सड़क पर नमाज नहीं पढ़ सकता। यूपी में पर्व और त्योहार शांति से मनाए जाते हैं। वहां अराजकता-गुंडागर्दी नहीं है, लेकिन बंगाल में गौ तस्करी, गौ हत्या, त्योहारों के पहले उपद्रव होना आम बात है। उत्तर प्रदेश में बुलडोजर अब माफिया की सिट्टी पिट्टी गुम कर देता है। वहां माफिया की संपत्ति लेकर गरीबों के आवास बनते हैं। यूपी में न कर्फ्यू है न दंगा है, वहां सब चंगा है।

राम जन्मभूमि के लिए आंदोलन का सहारा लेना पड़ा। टीएमसी की पार्टनर समाजवादी पार्टी की सरकार ने रामभक्तों पर गोली चलवाई।  यूपी में डबल इंजन सरकार आई तो अयोध्या में भगवान श्रीराम का सबसे बड़ा मंदिर बन गया, इसे कांग्रेस, सपा व टीएमसी रोक नहीं पाईं, क्योंकि मोदी हैं तो सब मुमकिन है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने 15 वर्षों से बंगाल को संकट में डाला और इसे टेरर, माफिया राज और भ्रष्टाचार का अड्डा बनाया, वह टीएमसी अब नहीं चाहिए। इन लोगों ने आमजन, नौजवानों, बेटी-बहनों में भय का माहौल उत्पन्न किया है। टीएमसी के कारण सैंड माफिया, कोल माफिया, लैंड माफिया पैदा हुए। केंद्र से जो भी पैसा आता है, उसे टीएमसी के गुंडे हजम कर जाते हैं। सीएम ने स्थानीय नागरिकों को विश्वास दिलाया कि बंगाल में दंगों, भय, अराजकता, माफिया राज को भाजपा जड़ से समाप्त कर देगी। 

सीएम योगी ने कहा कि बंगाल की भूमि सदैव प्रेरणा भूमि रही है। इसने भारत को राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत दिया। वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर बंगाल की धरती टीएमसी की अराजकता से मुक्त होने का आह्वान कर रही है। बंगाल की भूमि ने दुनिया को रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, खुदीराम बोस, नेताजी सुभाषचंद्र बोस, अरविंद घोष, जनसंघ के संस्थापक अध्य़क्ष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे राष्ट्रवादी चिंतक दिए। कश्मीर को पृथक मान्यता देने के लिए कांग्रेस की चाल के चलते अलगाववादी भारत की एकता को चुनौती दे रहे थे, लेकिन डॉ. मुखर्जी के संकल्प को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरा किया और धारा 370 की समाप्त कर दिया। कश्मीर में भी भारत का कानून वैसे ही लागू हुआ, जैसे बंगाल, बिहार और यूपी में है।

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