उत्तराखंड : उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित विश्वप्रसिद्ध कैंची धाम का आज 62वां स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। सोमवार सवेरे से ही नीब करौरी बाबा के दरबार में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। सुबह पांच बजे बाबा नीब करौरी महाराज को मालपुए का भोग लगाने के साथ स्थापना दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ हो गया है।
सारी रात कतार में लगे श्रद्धालुओं का सवेरे ही मंदिर में बारी-बारी से प्रवेश प्रारंभ हो गया। बाबा के जयकारों और जय श्री राम के नारों के साथ श्रद्धालु बाबा का महाप्रसाद लेते हुए वापस लौट रहे हैं। मंदिर समिति में लगे सेवादारों द्वारा श्रद्धालुओं को मालपुए का प्रसाद वितरित किया जा रहा है।
सुबह सवेरे छह बजे से ही भवाली की तरफ से श्रद्धालुओं की एक किलोमीटर लंबी कतार लग चुकी थी। पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रखे और श्रद्धालुओं को कतार में व्यवस्थित तरीके से मंदिर में प्रवेश कराया। इस अवसर पर बाबा के भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिला।
कैंची धाम स्थापना दिवस पर सुबह पांच बजे से ही डीएम और एसएसपी ने स्वयं मौके पर मौजूद होकर मोर्चा संभाला। मंदिर में स्थापना दिवस को लेकर चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स तैनात की गई।मंदिर के बाहर पुलिस अधिकारी और पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद रहे।
कैंची धाम स्थापना दिवस पर सोमवार को अल सुबह ही जोश और श्रद्धा से ओत प्रोत श्रद्धालुओं की एक किलोमीटर से अधिक लंबी कतार लग चुकी थी। बाबा नीम करौली के भक्तों ने बाबा के जयकारों के साथ साथ श्री राम के नारे लगते हुए मंदिर परिसर में प्रवेश करना प्रारंभ कर दिया था।
कैंची धाम के स्थापना दिवस पर बाबा नीब करौरी महाराज के जयकारों के साथ सुबह छह बजे तक ही हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर मालपुए का प्रसाद ग्रहण किया। पुरुषोत्तम एवं ज्येष्ठ मास की सोमवती अमावस्या पर हापुड़ के ब्रजघाट में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। गंगा स्नान और पूजा-अर्चना के कारण दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर भीषण जाम लग गया है, पुलिस प्रशासन व्यवस्था बनाए हुए है।
दूसरी ओर सोमवार को ही पुरुषोत्तम एवं ज्येष्ठ मास की सोमवती अमावस्या भी है। 15 जून को देशभर में सोमवती अमावस्या का पर्व भी श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। सोमवार का दिन भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है और अमावस्या तिथि पितरों के निमित्त समर्पित मानी जाती है। जब ये दोनों योग एक साथ आते हैं तो मान्यताओं के अनुसार यह तिथि अत्यंत शुभ मानी जाती है।
उत्तराखंड में चार धाम यात्रा, स्कूलों की छुट्टियां और सोमवती अमावस्या के स्नान के चलते हरिद्वार में देशभर से पहुंच रहे श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ा है। हरिद्वार, जो चार धाम का प्रवेश द्वार और मां गंगा का पावन तट भी है, यातायात और श्रद्धालुओं के भारी दबाव और भीषण गर्मी की दोहरी चुनौती का सामना कर रहा है।
श्रद्धालुओं के वाहनों के हरिद्वार पहुंचने पर यहां के प्रमुख मार्गों पर दबाव अत्यधिक बढ़ गया है जिसकी वजह से हरिद्वार-दिल्ली हाईवे और बिजनोर हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। हालांकि पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है परंतु फिर भी भीषण गर्मी के बीच वाहन रेंग-रेंग कर चलने को मजबूर हैं।

हरिद्वार में सोमवती अमावस्या के मौके पर श्रद्धालुओं का ऐसा सैलाब उमड़ रहा है कि शहर की रफ्तार थम सी गई है। वीकेंड और स्नान पर्व एक साथ पड़ने से हालात और अधिक चुनौतीपूर्ण बन गए हैं। शहर की सड़कों पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है और कई जगह जाम जैसे हालात पैदा हो गए हैं।
बता दें कि सोमवार यानि 15 जून को सोमवती अमावस्या का स्नान है, जिसके चलते देशभर से श्रद्धालु हरिद्वार पहुंच रहे हैं। प्रत्येक वर्ष की भांति इस बार भी स्नान के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार आ रहे हैं, लेकिन इस बार वीकेंड होने से भीड़ में और अधिक इजाफा हो गया है।
धार्मिक आस्था के चलते भक्तगण हर हाल में गंगा स्नान करना चाहते हैं, और पर्यटन सीजन भी अपने चरम पर है। ऐसे में सुचारू व्यवस्था बनाए रखना पुलिस प्रशासन के लिए काफी चुनौतीपूर्ण हो गया है। भारी भीड़ को नियंत्रित करना और ट्रैफिक को सुचारू बनाए रखना प्रशासन के लिए एक बड़ी परीक्षा साबित हो रहा है। भीषण गर्मी के बावजूद ट्रैफिक पुलिस और जिला पुलिस के जवान सड़कों पर मुस्तैद हैं और यातायात को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश में हापुड़ के ब्रजघाट पर भी श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। गंगा स्नान और पूजा-अर्चना के चलते दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर भीषण जाम की स्थिति बन रही है, पुलिस प्रशासन व्यवस्था बनाए रखने में जुटा है।
जिले के गढ़ क्षेत्र में तीर्थनगरी ब्रजघाट गंगा घाट पर सोमवती अमावस्या पर लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। जनपद हापुड़ सहित आसपास के क्षेत्र से लाखों श्रद्धालु सोमवती अमावस्या पर तीर्थनगरी बृजघाट गंगा स्नान करने पहुंचे। श्रद्धालुओं ने हर हर महादेव और हर हर गंगे का उदघोष करते हुए गंगा स्नान किया। गंगा स्नान कर श्रद्धालुओं ने गरीबों को कपड़े, खाना और पैसों का दान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
