उत्तराखंड : प्रदेश की खेल नीति में क्या नई चीजें सम्मिलित की जानी चाहिए, इस पर अब आम जनता भी अपनी राय दे सकती है। मंगलवार को खेल मंत्री रेखा आर्या ने विभागीय बैठक में नई खेल नीति तैयार करते समय आम लोगों, खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के सुझाव आमंत्रित करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक के उपरांत खेल मंत्री ने बताया कि नई खेल नीति में केंद्र की खेल नीति का समावेश करते हुए उत्तराखंड के परंपरागत खेलों को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि नई खेल नीति कैसी होनी चाहिए इस बारे में विभाग शीघ्र ही आम लोगों के सुझाव आमंत्रित करेगा। उपयुक्त सुझावों को नई खेल नीति का हिस्सा बनाया जाएगा और तर्कसंगत सुझाव देने वाले लोगों को सम्मानित करने की भी योजना बनाई जा रही है।

विदित हो कि उत्तराखंड की नई खेल नीति में केंद्र की खेल नीति का समावेश करते हुए उत्तराखंड के परंपरागत खेलों को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य की खेल मंत्री के अनुसार, नई खेल नीति कैसी हो इस विषय में विभाग द्वारा जल्दी ही आम लोगों के सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे।

बैठक में खेल मंत्री द्वारा खेल विश्वविद्यालय की तैयारी में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नौकरी देने के मामले में भी शीघ्रता से कार्रवाई पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। कैबिनेट मंत्री के मुताबिक कुछ खिलाड़ियों को खेल अकादमियों में भी समायोजित करने की तैयारी चल रही है।

इससे पहले कुछ दिन पूर्व सचिवालय में हुई खेल एवं युवा कल्याण विभाग की बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को उत्तराखंड राज्य खेल विश्वविद्यालय हल्द्वानी में आगामी माह से सत्र शुरु करने के निर्देश दिए थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा था कि राष्ट्रीय खेल नीति 2025 के अनुरूप राज्य में नई खेल नीति बनाई जाएगी। राष्ट्रीय खेलों में पदक विजेता खिलाड़ियों को सीधे सरकारी नौकरी दी जाएगी। आउट ऑफ टर्न नौकरी पाने वाले अधिकतर खिलाड़ियों को खेल विभाग में ही नियुक्त मिले सके, इस पर भी कार्ययोजना बनाई जा रही है।

सीएम ने निर्देश दिए थे कि प्रवेश एवं कोच, कर्मचारी, अधिकारी की नियुक्ति प्रक्रिया को शीघ्रता से आगे बढ़ाया जाए। एक ब्लॉक एक मिनी स्टेडियम के तहत मिनी स्टेडियमों के निर्माण कार्य में भी तेजी लाई जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को लेगेसी प्लान पर तीव्रता से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज देहरादून, हल्द्वानी गोलापार स्टेडियम, रुद्रपुर वेलोड्रोम, टिहरी झील, हरिद्वार एवं पिथौरागढ़ स्थित स्टेडियमों में विकसित की गई सुविधाओं को खिलाड़ियों के लिए और अधिक उपयोगी बनाने का प्रयास किया जाए। 38वें राष्ट्रीय खेलों के दौरान विकसित किए गए बुनियादी ढांचे के रख-रखाव पर विशेष ध्यान दिया जाए एवं इसके लिए व्यापक कार्य योजना तैयार की जाए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा था कि 39वें राष्ट्रीय खेल 2027 के लिए खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने के लिए विभिन्न विधाओं में विशेष प्रशिक्षण शिविर प्रारंभ किए जाएं। विभिन्न खेल संघों के साथ खिलाड़ियों के चयन और चिह्नीकरण की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का संकल्प आगामी राष्ट्रीय खेलों में और अधिक बेहतर प्रदर्शन कर देवभूमि को खेलभूमि के रूप में भी स्थापित करने का है। एक जिला एक खेल के तहत सभी जिलों में निर्धारित खेलों के लिए कोचिंग, प्रतिभा पहचान एवं प्रतिस्पर्धा को भी विकसित किया जाए।

सीएम ने कहा कि प्रत्येक जिला खेल छात्रावास को उस जिले के निर्धारित खेल के लिए ओडीओएस खेल नर्सरी के रूप में विकसित किया जाए। बैठक में अवगत कराया गया कि अब तक कुल 29 मेडल धारक खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी में समायोजित किया जा चुका है।

इसके साथ एक ब्लॉक एक मिनी स्टेडियम के तहत अब तक कुल 48 मिनी स्टेडियम का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। साथ ही 10 मिनी स्टेडियम का कार्य गतिमान है जबकि अन्य मिनी स्टेडियमों पर भूमि हस्तांतरण की कार्रवाई प्रगति पर है।

इस बैठक में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त खेल मंत्री रेखा आर्या, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, निदेशक खेल दीप्ति सिंह सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे थे।

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