पंजाब
संवाददाता: अनिल सौदा
पंजाब के मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने चंडीगढ़ में प्रेस वार्ता करके प्राइवेट स्कूलों की फीसों को नियमों में लाने के लिए ऑर्डिनेंस जारी किया। उन्होंने इसके लिए एक पोर्टल बनवाया।
सीएम ने कहा कि जब यह पोर्टल खुल जाएगा उसके पश्चात् आज से 10 दिन बाद तक प्राइवेट स्कूलों को अपनी पिछले चार साल से बढ़ाई गई फीसों की जानकारी इस पोर्टल पर अपलोड करनी अनिवार्य होगी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी यह आदेश जारी करते हुए कहा है कि विद्या मुनाफे वाला कार्य नहीं है, और इसको व्यापारिक न बनाया जाए।
इस अवसर पर सीएम ने कहा कि विद्या पर सबका हक है। Right to Education का रूल भी हमारे देश में है। हमारे देश में मां बाप अपने बच्चों का प्राइवेट स्कूल में एडमिशन करवाने के लिए अपना सब कुछ बेच देते हैं। कई बार स्कूल वाले विद्यार्थियों की कुछ बकाया फीस रह जाने के कारण उनका रोल नंबर , सर्टिफिकेट ओर उनकी DMC नहीं देते। सुप्रीम कोर्ट के आदेश से यह बात स्पष्ट होती है कि स्कूल पैसे कमाने के फैक्टरी नहीं है। हमारी सरकार इन्हें पैसे कमाने वाली फैक्ट्री नहीं बनने देगी।
इस ऑर्डिनेंस के अंदर 7800 स्कूल आयेगें, जिनमें 32 लाख बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। स्कूलों को पिछले 4 वर्षों की ली गई संपूर्ण फीस की जानकारी उपलब्ध करानी होगी। इस कार्य में अधिकतम 1 महीना लग जाएगा लेकिन उस एक महीने के अंदर स्कूलों को कितनी फीस बढ़ाई गई है, उसकी जानकारी देनी पड़ेगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि यह बढ़ोतरी 15% से ज्यादा की हुई है तो इस से ऊपर की बढ़ाई गई रकम विद्यार्थियों के माता पिता या अभिभावक को वापिस करनी होगी। सीएम ने इन स्कूलों का फ्रांसिस ऑडिट करवाने की भी बात कही।
