नई दिल्ली : जापान के नागोया शहर में खेले जा रहे एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन निरंतर जारी है। 21 अक्टूबर को भारतीय पैरा खिलाड़ियों ने तीन गोल्ड मेडल के साथ दिन की शानदार शुरुआत की। ये तीनों गोल्ड मेडल हाई जंप और शॉट पुट में जीते गए हैं।
इसके अलावा, आज भारतीय खिलाड़ी अब तक 12 गोल्ड मेडल अपनी झोली में डाल चुके हैं। इन मेडल के साथ भारत के कुल मेडल की संख्या 47 पर पहुंच गई है और मेडल टैली में 12 गोल्ड, 17 सिल्वर और 18 कांस्य के साथ 5वां स्थान हासिल कर लिया है।
मंजीत व्यास ने पुरुषों के जैवलिन थ्रो F 13 इवेंट में सिल्वर मेडल हासिल किया। उन्होंने 61.03 मीटर की दूरी तय करते हुए अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और पोडियम पर जगह बनाई। उन्होंने अपने चतुर्थ प्रयास में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया।
जापान के युता वाकोह ने 59.66 मीटर के साथ पहला स्थान हासिल किया जबकि उनके हमवतन केंटा वाकोह ने 58.60 मीटर के साथ ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
भारतीय खिलाड़ी कस्तूरी राजा मणि ने महिलाओं के 67 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक अपने नाम किया। तमिलनाडु की रहने वाली कस्तूरी ने अपने तीसरे और अंतिम प्रयास में 108 किलोग्राम वजन उठाकर दूसरा स्थान हासिल किया। उन्होंने दक्षिण कोरिया की किम ह्योंगहुई को पछाड़ा, जिन्होंने उनसे एक किलोग्राम कम यानि 107 किलोग्राम वजन उठाया था।
उज्बेकिस्तान की रुखशोना उक्तामोवा ने 127 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। विदित हो कि कस्तूरी वर्तमान में 42 वर्ष की हैं और उनके दोनों पैर पोलियो ग्रस्त हैं। उन्होंने बचपन में ही अपनी मां को खो दिया था और उनका पालन पोषण उनकी दादी द्वारा किया गया था।
सचिन सरजेराव ने पुरुषों के शॉट पुट एफ46 मुकाबले में गोल्ड मेडल हासिल किया। विशेष तथ्य यह है कि इस इवेंट में भारतीय खिलाड़ियों ने क्लीन स्वीप किया है। इस इवेंट के तीनों पदक भारत की झोली में आए हैं।
सचिन ने अपने छठे और अंतिम थ्रो में 15.87 मीटर फेंककर पहला स्थान हासिल किया और 15.67 मीटर के खेलों के पिछले रिकॉर्ड को ध्वस्त किया।
इसके अतिरिक्त मोहम्मद यासर ने तीसरे प्रयास में 15.06 मीटर का थ्रो करके सिल्वर मेडल हासिल किया, जबकि परवीन 14.94 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
सचिन ने पेरिस पैरालंपिक में सिल्वर और पिछले एशियन पैरा गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। बता दें कि एफ46 श्रेणी उन एथलीटों के लिए है जिनका कोहनी के ऊपर या नीचे एक हाथ कटा होता है, या वे ऊपरी अंग से दिव्यांग होते हैं।
प्रवीण कुमार ने पुरुषों को हाई जंप टी 44/64 मुकाबले में खेलों के नए रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया और बंटी ने इसी मुकाबले में रजत पदक जीता। प्रवीण ने 2.05 मीटर की कूद लगाकर पहला स्थान हासिल किया, जबकि बंटी 1.92 मीटर की कूद के साथ दूसरे स्थान पर रहे। उज्बेकिस्तान के तेमुरबेक गियाजोव ने 1.86 मीटर के साथ तीसरा स्थान हासिल किया।
आयुष वर्मा ने पुरुषों की शॉट पुट एफ 53 मुकाबले में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी झोली में दूसरा पदक डाला। आयुष अपने पांचवें प्रयास में 8.16 मीटर का थ्रो करके प्रथम स्थान पर रहे। ईरान के अलीरेजा हेमामी 8.09 मीटर के साथ दूसरा, जबकि कजाकिस्तान के मखाम्बेट सेरिक्कालियेव 6.81 मीटर के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। बता दें कि आयुष ने इससे पहले पुरुषों की भाला फेंक एफ53/एफ54 मुकाबले में कांस्य पदक जीता था।
शीतल देवी और पायल नाग की भारतीय महिला युगल जोड़ी ने महिला कंपाउंड तीरंदाजी डबल के फाइनल मुकाबले में रजत पदक हासिल किया। उन्हें फाइनल में चीन की जोड़ी से 141-150 से हार का सामना करना पड़ा। विशेष बात यह है कि शीतल ने इस मुकाबले में लगातार दूसरा सिल्वर मेडल जीता है। विगत एशियाई पैरा खेलों में उन्होंने सरिता देवी के साथ जोड़ी बनाकर दूसरा स्थान हासिल किया था। व्यक्तिगत स्पर्धा में भी वह स्वर्ण पदक की दावेदार हैं।
भाग्यश्री जाधव ने महिलाओं के शॉट पुट F34 इवेंट में रजत पदक जीता है। इस भारतीय एथलीट ने अपने तीसरे प्रयास में 8.19 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। चीन की जू लिजुआन प्रथम स्थान पर रहीं, जिन्होंने 9.07 मीटर के गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल पर कब्जा किया।
राकेशभाई भट्ट ने पुरुषों की 100 मीटर T37 मुकबाले में कांस्य पदक अपने नाम किया। इस भारतीय स्प्रिंटर ने 11.50 सेकंड का समय लेते हुए तृतीय स्थान हासिल किया और साथ ही अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी दर्ज किया।
अनुभव चौधरी ने पुरुषों की 100 मीटर T35 मुकबाले के फाइनल में कांस्य पदक जीता है। इस भारतीय एथलीट ने 12.72 सेकंड का समय लेते हुए तृतीय स्थान हासिल किया और साथ ही अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी दर्ज किया।