पंजाब/ अमृतसर
संवाददाता : अनिल सौदा
पाकिस्तानी तस्करों से जुड़े मॉड्यूल का भंडाफोड़, 8 आरोपी गिरफ्तार, 11 अवैध आधुनिक पिस्तौल और 2 किलो 293 ग्राम हेरोइन बरामद
सीमा पार से संचालित हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश।
सीमा पार बैठे शरारती तत्व इंस्टाग्राम के जरिए युवाओं को रातोंरात अमीर बनने के सपने दिखाकर फंसा रहे हैं।
युवाओं को हथियार सप्लाई करने के लिए 10 से 15 हजार रुपये का दिया जा रहा है लालच, काम लेने के बाद दलाल अनुबंध तोड़ देते हैं।
पुलिस कमिश्नर हरमनवीर सिंह गिल की युवाओं और अभिभावकों से अपील: गुमराह न हों, जो लोग गलत रास्ते को छोड़कर मुख्यधारा में लौटेंगे, उन्हें सुधरने का मौका दिया जाएगा।
पंजाब के अमृतसर में पुलिस कमिश्नर (आईपीएस) हरमनवीर सिंह गिल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलिस ने एक सुनियोजित खुफिया अभियान में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 11 अवैध पिस्तौल, 4 जिंदा कारतूस और 2 किलो 293 ग्राम हेरोइन बरामद की गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपी सीमा पार बैठे पाकिस्तानी बदमाशों और तस्करों के सीधे संपर्क में थे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पुलिस कमिश्नर ने बताया कि यह ऑपरेशन अमृतसर कमिश्नरेट, ई-डिवीजन, छेहरटा और कैंटोनमेंट के विभिन्न पुलिस थानों से प्राप्त विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर चलाया गया था। तलाशी और गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों से निम्नलिखित वस्तुएं बरामद की गईं।
बरामदगी का विवरण: * अवैध हथियार: कुल 11 आधुनिक पिस्तौलें। इनमें 3 विदेशी ग्लॉक (9 मिमी) पिस्तौलें, 2 स्टार पिस्तौलें (.30 बोर), 1 बेरेटा (.30 बोर), 1 पीएक्स-5 (.30 बोर), 3 सामान्य .30 बोर पिस्तौलें और 1 .32 बोर पिस्तौल शामिल हैं। * जिंदा कारतूस: 4 राउंड। * मादक पदार्थ: 2 किलो 293 ग्राम हेरोइन।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों की पहचान करनदीप सिंह, करण, अंग्रेज, मनप्रीत, राहुल, कपिल, निखिल और एक अन्य व्यक्ति के रूप में हुई है। गिरफ्तार आरोपी अमृतसर और तरनतारन जिलों के रहने वाले हैं। इनमें सबसे कम उम्र का आरोपी करण सिंह 19 साल का है, जबकि बाकी सभी 20 से 27 साल की उम्र के युवक हैं।
इनमें से कुछ मजदूर, टैक्सी चालक, चिकित्सा सेवाएं देने वाली कर्मी और शराबखाने में काम करने वाले कर्मचारी थे।
पुलिस आयुक्त ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी पिछले 7-8 महीनों से इस अवैध धंधे में सक्रिय थे। ये युवक इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए सीमा पार बैठे पाकिस्तानी तस्करों और गैंगस्टरों के सीधे संपर्क में आए।