उत्तराखंड : दीपावली के पावन पर्व के शुभ अवसर पर रविवार को समूचे देश में हर्षोल्लास का माहौल है। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को दीपावली की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दी हैं। सीएम ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि प्रकाश का यह महापर्व समस्त नागरिकों के जीवन में अपार सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा कि मां लक्ष्मी एवं भगवान गणेश की कृपा से दीपावली का यह पावन पर्व आप सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्य का प्रकाश लेकर आए। दीपों की दिव्य आभा से हर घर-आंगन रोशन हो तथा प्रेम, सद्भाव और सकारात्मकता का उजाला समाज के प्रत्येक कोने तक पहुंचे।

प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजधानी देहरादून में गढ़वाल रेजिमेंट के वीर जवानों के साथ दीपावली मिलन समारोह में शिरकत कर दीपावली पर्व की खुशियां साझा कीं। मुख्यमंत्री ने सभी सैनिकों और उनके परिवार जनों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक सैनिक परिवार से होने के फलस्वरूप जवानों के प्रति मेरा जुड़ाव हमेशा आत्मीय और भावनात्मक रहा है। मैं ईश्वर से कामना करता हूं कि मां भारती के ये वीर सपूत सदैव स्वस्थ, सुरक्षित और प्रसन्न चित्त रहें।

सीएम ने कहा कि दीपावली हर्ष और उल्लास का पर्व है। हमारे वीर जवान अक्सर अनेक पर्व अपने परिवार से दूर रहकर देश की सीमाओं की रक्षा और राष्ट्र की सुरक्षा करते हुए मनाते हैं। वीर जवानों का यह त्याग, साहस, शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा हम सभी देशवासियों के लिए एक बड़ा प्रेरणास्रोत है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कुशल मार्गदर्शन में आज पूरे देश में सैनिकों के सम्मान, उनके कल्याण और उनकी सुख-सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की जा रही है। केंद्र और राज्य सरकार सैनिकों तथा उनके परिवारों के कल्याण के लिए पूर्णतया प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।

वहीं दूसरी ओर चारधाम यात्रा के समापन की घड़ियां नजदीक आने के साथ ही गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में शीतकालीन कपाट बंद करने की तैयारियां भी गतिमान हो गई हैं।

दीपावली के उल्लास के बीच दोनों धामों में मां गंगा और यमुना के मंदिरों को रंग-बिरंगे फूलों से बहुत ही मनमोहक रूप से सजाया गया है। यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के मंदिरों को कई कुंतल फूलों से सजाया गया है। फूलों से सजे मंदिरों की मनमोहक छटा श्रद्धालुओं को खूब लुभा रही है। दोनों धामों में मां गंगा और यमुना की विदाई की तैयारियां प्रारंभ हो चुकी हैं। कपाट बंद होने के पश्चात दोनों देवियों की उत्सव डोली शीतकालीन प्रवास के लिए रवाना हो जाएगी।

बता दें कि गंगोत्री धाम के कपाट आगामी 10 नवंबर को अन्नकूट पर्व के अवसर पर विधि-विधान और धार्मिक परंपराओं के अनुसार शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। कपाट बंद होने से पूर्व मंदिर को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया है। कपाट बंद होने के पश्चात मां गंगा की उत्सव डोली पारंपरिक धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ शीतकालीन प्रवास के लिए मुखबा गांव पहुंच जाएगी।

यमुनोत्री धाम के कपाट आगामी 11 नवंबर को भैयादूज के पावन पर्व के अवसर पर शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे। इसके लिए मंदिर समिति की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। कपाट बंद होने से पहले यमुनोत्री मंदिर को भी रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया है। मंदिर की फूलों से की गई सजावट श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

चारधाम यात्रा के तहत गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने के पश्चात शीतकालीन पूजा-अर्चना की परंपरा प्रारंभ हो जाएगी। इस दौरान मुखबा में मां गंगा और खरसाली में मां यमुना की पूजा-अर्चना की जा सकेगी।

इससे स्थानीय ग्रामीणों के साथ ही शीतकाल में उत्तरकाशी पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भी दोनों देवियों के दर्शन का अवसर प्राप्त हो सकेगा। दोनों धामों में कपाट बंद होने के साथ ही इस वर्ष की यात्रा का एक महत्वपूर्ण चरण भी सफलतापूर्वक संपन्न हो जाएगा।

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