उत्तराखंड : उत्तराखंड स्थित उच्च हिमालय क्षेत्र में बसा विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम दीपावली के पावन पर्व पर आस्था, भक्ति और दिव्यता के अद्भुत रंगों से सराबोर हो उठा है।

बाबा केदार के भव्य मंदिर परिसर और दरबार को तकरीबन 20 क्विंटल रंग-बिरंगे फूलों से बहुत ही मनमोहक ढंग से सजाया गया है। फूलों की आकर्षक सजावट के बीच केदारपुरी की अलौकिक छटा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बन गई है। दीपावली सहित अन्य उत्सवों के उल्लास के मध्य बाबा केदार का धाम नई छटा बिखेर रहा है।

शनिवार यानि छोटी दिवाली के पावन अवसर पर केदारनाथ धाम के क्षेत्रपाल एवं रक्षक भगवान भुकुंट भैरवनाथ जी के कपाट शीतकाल के लिए विधि-विधान एवं वैदिक धार्मिक परंपराओं के अनुसार बंद किए गए। भैरवनाथ जी के कपाट बंद होने के साथ ही भगवान केदारनाथ के धाम में शीतकालीन कपाट बंद होने की पारंपरिक धार्मिक प्रक्रिया का विधिवत शुभारंभ भी हो गया है।

बीकेटीसी के सदस्य ने धाम से जानकारी साझा करते हुए देश एवं प्रदेशवासियों को दीपावली महापर्व की शुभकामनाएं प्रदान की। उन्होंने बताया कि भगवान भुकुंट भैरवनाथ के कपाट बंद होने के धार्मिक अनुष्ठान के समय मंदिर समिति के अधिकारी तथा कर्मचारी, स्थानीय हक-हकूकधारी, तीर्थ पुरोहित समाज तथा पुलिस एवं स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

समिति द्वारा अवगत कराया गया कि धार्मिक परंपराओं के अनुसार भैरवनाथ जी के कपाट बंद होने के बाद बाबा केदार के शीतकालीन प्रवास की तैयारियां और कपाट बंद करने से जुड़े अनुष्ठान आगे बढ़ेंगे। आगामी 11 नवंबर को विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान केदारनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।

समिति द्वारा श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि दीपावली के पावन अवसर पर केदारनाथ धाम पहुंचकर दीप प्रज्वलित करें और बाबा केदार के दरबार में दीपोत्सव को श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाएं।

साथ ही धाम की धार्मिक मर्यादा, पवित्रता और गरिमा बनाए रखना प्रत्येक श्रद्धालु की जिम्मेदारी है। समस्त भक्तजनों से व्यवस्थाओं में सहयोग बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था एवं असामाजिक गतिविधियों से दूर रहकर धार्मिक परंपराओं, शांति तथा सौहार्द को बनाए रखने में सहभागी बनने की अपील की गई है।

इस पावन दिवस पर धाम के पुरोहितों द्वारा बाबा केदार से समस्त देशवासियों के सुख – समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य एवं मंगलमय जीवन की कामना की गई। फूलों की खुशबू, दीपों की रोशनी और हर-हर महादेव के जयकारों के बीच केदारपुरी में दीपावली का यह दिव्य उत्सव भक्तजनों पर श्रद्धा और आस्था की अविस्मरणीय छाप छोड़ रहा है।

वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व अंधकार पर प्रकाश, बुराई पर अच्छाई और निराशा पर आशा की शाश्वत विजय का प्रतीक है।

इसके अलावा राज्य की राजधानी देहरादून में दीपावली त्योहार को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से व्यवस्थाओं को मुकम्मल करने के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर दिया जा रहा है। दीपावली के मद्देनजर इमरजेंसी सेवाओं से जुड़े स्वास्थ्य विभाग के अस्पतालों के साथ ही 108 एंबुलेंस और अग्निशमन विभाग को पूरी तरह से सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।

त्योहारों के सीज़न के चलते स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े कई विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर हैं। सरकारी व निजी अस्पतालों में इमरजेंसी बेड रिजर्व रखने के साथ ही अस्पतालों के इमरजेंसी वार्ड में सर्जन, नेत्र रोग विशेषज्ञ, फिजिशियन और पैरामेडिकल स्टाफ को त्योहार के दौरान ड्यूटी पर तैनात रखा गया है।

देहरादून के सीएमओ के अनुसार सभी अस्पतालों को इमरजेंसी वार्ड में प्रयाप्त मात्र में दवाईयां और अन्य मेडिकल संबंधित चीजें रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, अस्पतालों में डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ की पर्याप्त संख्या में रात्रि ड्यूटी तय करने के निर्देश भी दिए जा चुके हैं।

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