उत्तराखंड : उत्तराखंड के चमोली जिले में एक हेलीकॉप्टर के लापता होने की सूचना मिलने के पश्चात चाई गांव जोशीमठ के पास उसके क्रैश हो जाने की खबर सामने आई है। इस दुर्घटना की जानकारी प्राप्त होते ही पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूत्रों के अनुसार हेलीकॉप्टर में पॉयलट सहित 06 लोग सवार थे।
हेलीकॉप्टर ने दोपहर करीब 1.15 बजे बर्फबारी के बीच बद्रीनाथ धाम से राजधानी देहरादून स्थित सहस्त्रधारा हेलीपैड के लिए उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के कुछ देर बाद ही वह जोशीमठ के पास हाथी पर्वत इलाके में लापता हो गया। कुछ देर बाद जिला प्रशासन को हेलीकॉप्टर के क्रैश होने की सूचना प्राप्त हुई।
प्रशासन की ओर से अवगत कराया गया है कि भारतीय सेना ने ही सबसे पहले जिलाधिकारी चमोली को सूचना दी थी कि हाथी पर्वत के पास एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। इसके बाद ही रेस्क्यू टीम को घटनास्थल पर भेजा गया।
इस मामले में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी जानकारी शेयर की है। उन्होंने बताया कि चाई गांव जोशीमठ के निकट हेलीकॉप्टर क्रैश होने की दुर्भाग्यपूर्ण सूचना प्राप्त हुई है। जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग, एसडीआरएफ द्वारा संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
सीएम ने बताया कि वह खुद भी पूरे घटनाक्रम की निरंतर निगरानी कर रहे हैं। गंभीर रूप से घायलों को तत्काल एयरलिफ्ट कर बेहतर उपचार हेतु हायर सेंटर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। ईश्वर से यात्रियों के सकुशल होने की कामना करता हूं।
विदित हो कि ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का हेलीकॉप्टर कॉल साइन VT-HCX बद्रीनाथ से देहरादून सहस्त्रधारा देहरादून के लिए संचालित किया जा रहा था। उसने दोपहर तकरीबन 1: 15 पर उड़ान भरी थी। जिस समय हेलीकॉप्टर जोशीमठ घाटी के ऊपर उड़ रहा था, उस समय उसका संपर्क टूट गया। उस समय ट्रैकिंग सिस्टम भी हेलीकॉप्टर को ट्रैक करने पाने में असमर्थ हो गया।
घटना की जानकारी प्राप्त होते ही भारतीय सेना, जिला प्रशासन चमोली और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल यानि SDRF की टीमों को तुरंत सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करने के लिए रवाना कर दिया गया। एहतियातन मैसर्स ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के सभी हेलीकॉप्टरों की उड़ान पर रोक लगा दी गई है।
यूकाडा हेड ऑफ ऑपरेशन के अनुसार, जोशीमठ में हाथी पर्वत के पास हुई एक हेलिकॉप्टर दुर्घटना से संबंधित तकनीकी जानकारियों के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर स्काई पल्स कंपनी का था, जिसे चार्टर उड़ानों के लिए शिव भोले ट्रेवल मार्ट को दिया गया था।
शिव भोले ट्रेवल मार्ट के पास अपना खुद का परमिट नहीं था और वे DGCA में नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटर परमिट के लिए आवेदन कर चुके थे, जिसकी प्रक्रिया चल रही थी. इस दौरान अस्थायी रूप से उड़ानों के संचालन के लिए उन्होंने दूसरी कंपनी के परमिट का इस्तेमाल किया था।
हेलीकॉप्टर के परिचालन और रखरखाव की जिम्मेदारियों में कई अलग-अलग संस्थाएं सम्मिलित थीं। हेलीकॉप्टर का वास्तविक मालिक स्काई पल्स था और शिव भोले ट्रेवल मार्ट द्वारा इसे लीज़ पर चलाया जा रहा था। इसके अलावा हेलिकाप्टर को उड़ा रहे पायलट चिप्सन कंपनी के थे, जबकि हेलीकॉप्टर के मेंटेनेंस की जिम्मेदारी शौर्य एयरोनॉटिक्स के पास थी।
यूकाडा सीईओ ने बताया कि फिलहाल, रेस्क्यू के लिए, जिला प्रशासन की एक टीम, एसडीआरएफ की एक टीम और सेना की एक टीम को भेजा गया है। मौसम साफ होने पर देहरादून से भी एक रेस्क्यू टीम को घटनास्थल की ओर रवाना किया जाएगा।
रेस्क्यू कार्य पूरा होने के पश्चात इस पूरी घटना का विस्तार से अध्ययन किया जाएगा। इसके साथ ही उच्च अधिकारियों और डीजीसीए की टीम के साथ चर्चा करने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच पड़ताल के उपरांत ही उस पर कोई निर्णय लिया जा सकेगा।