उत्तर प्रदेश : उत्तर प्रदेश में वर्तमान मौसम विक्षोभ की वजह से बदला हुआ है। वातावरण में अपेक्षाकृत ठंडक महसूस की जा रही है परंतु मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान चढ़ने के आसार जताए हैं।
उत्तर प्रदेश में बीते बुधवार और गुरुवार के दौरान पूर्वी और पश्चिमी संभाग के 50 से अधिक जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। विक्षोभ के असर से हुई बारिश से इटावा, बांदा, बरेली, हरदोई सरीखे जिलों में दिन व रात का पारा सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया। बेमाैसम बारिश और तेज रफ्तार में हवाएं चलने से खेतों में कटने के लिए तैयार खड़ी गेहूं की फसल को काफी नुकसान हुआ है।
माैसम विभाग के मुताबिक शुक्रवार से मौसम की यह आंख मिचौली रुक जाएगी और आने वाले कई दिनों तक मौसम शुष्क बना रहेगा। इसके साथ ही अगले एक सप्ताह में प्रदेश भर के औसत तापमान में तकरीबन दस डिग्री तक की बढ़ोतरी होने का पूर्वानुमान जारी किया गया है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के अनुसार, शुक्रवार से प्रदेश भर में पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म हो जाएगा और तापमान में धीरे – धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।
राजधानी लखनऊ में भी माैसम स्थिर होने वाला है क्योंकि पिछले दो-तीन से सक्रिय विक्षोभ का असर अब कमजोर हो चुका है। शुक्रवार से मौसम में बदलाव के संकेत हैं जिससे धूप और गर्म हवाओं से गर्मी की वापसी हो जाएगी। बृहस्पतिवार सुबह तक आसमान में बादलों का डेरा रहा लेकिन दोपहर में मौसम साफ होते ही तीखी धूप का सामना करना पड़ा। हालांकि ठंडी हवाएं चलने से धूप में भी ज्यादा गर्मी का अहसास नहीं हुआ।
मौसम विभाग के मुताबिक मंगलवार और बुधवार को आई बारिश और आंधी के असर से बृहस्पतिवार का भी माैसम राहत भरा रहा।आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, शुक्रवार से पश्चिमी विक्षोभ का असर पूरी तरह समाप्त हो जाएगा जिससे लखनऊ में आने वाले सप्ताह में 7 डिग्री तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। साथ ही रात के तापमान में भी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। क्षेत्र में करीब 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से रूखी पछुआ हवाएं चलेंगी जिनके असर से गर्मी का अहसास बढ़ जाएगा।
बुधवार रात आई बारिश और आंधी से तथा कुछ जगहों पर हुई ओलावृष्टि से कई इलाकों में गेहूं और सब्जियों के साथ आम की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। कुछ स्थानों पर खेतों में तैयार हो चुकी गेहूं की फसल गिर गई और कई जगहों पर गेहूं की फसल के भीग जाने से उसके दाने काले पड़ने की भी संभावना उत्पन्न हो गई है।
बाली टूटने से भी फसल को नुकसान पहुंचा है।
मोहनलालगंज में आंधी-बारिश से हुए फसल नुकसान का आकलन करने के लिए उप जिलाधिकारी ने देवती, करोरा और केवली गांवों में पहुंचकर प्रभावित फसलों का मुआयना किया। उन्होंने बताया कि सभी लेखपालों को अपने क्षेत्र में हुए नुकसान की रिपोर्ट देने के निर्देश दे दिए गए हैं।
कंट्रोल रूम एवं दैवी आपदा के सहायक अधिकारी के मुताबिक डीएम के निर्देशन में कलक्ट्रेट में कंट्रोल रूम की स्थापना हो चुकी है। कोई भी किसान अपनी फसल नुकसान की जानकारी जारी किए गए मोबाइल नंबर अथवा लखनऊ जिले के लिए टोल फ्री नंबर पर दे सकता है। सर्वे में जिस किसान को 33 फीसदी से अधिक फसल का नुकसान हुआ होगा उसे तुरंत मुआवजा उपलब्ध करा दिया जाएगा।
