उत्तराखंड : उत्तराखंड में नारी शक्ति वंदन बिल को लेकर मंगलवार को  विशेष सत्र का आयोजन किया जा रहा है। सदन में महिला आरक्षण के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। विपक्ष ने भी सत्ता पक्ष को घेरने के लिए अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं, जिससे सदन के हंगामेदार होने के आसार बन रहे हैं। 

महिला आरक्षण के मुद्दे पर चर्चा के लिए मंगलवार को विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। सदन में चर्चा के दौरान पक्ष और विपक्ष के मध्य तीखी बहस के साथ हंगामा होने के आसार नजर आ रहे हैं। सरकार की ओर से संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम यानि महिला आरक्षण में संशोधन के प्रस्ताव के विरुद्ध मतदान करने पर विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया जाएगा। वहीं विपक्ष ने भी महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना ली है।

प्रदेश सरकार ने नारी सम्मान लोकतंत्र में अधिकार विषय पर चर्चा के लिए विशेष सत्र बुलाया है। पक्ष तथा विपक्ष के सदस्य महिला आरक्षण के मुद्दे पर इसमें होने वाली चर्चा में सम्मिलित होंगे। सत्ता पक्ष के विधायक लोकसभा व विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए केंद्र सरकार की ओर से लाए नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन के प्रस्ताव का समर्थन करेंगे।महिला आरक्षण बिल को अटकाने पर विपक्षी दलों की भूमिका पर सवाल खड़े किए जाएंगे। चर्चा के दौरान ही सरकार ओर से निंदा प्रस्ताव लाया जाएगा। उधर, विपक्ष ने महिलाओं के अधिकारों पर सरकार को घेरने के रणनीति बनाई है। विपक्ष की ओर से 2023 में पारित महिला आरक्षण बिल को लागू करने का समर्थन कर प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजने की मांग की जाएगी। चर्चा के दौरान विपक्ष महिला अपराध के मुद्दे पर सत्ता पक्ष की घेराबंदी करेगा। महिला आरक्षण पर सदन में पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी बहस से हंगामा होने के आसार हैं।

इस विशेष सत्र में महिला आरक्षण बिल को अटकाने पर विपक्षी दलों की भूमिका पर सवाल खड़े किए जाएंगे। चर्चा के दौरान ही सरकार की ओर से निंदा प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा। विपक्ष ने भी महिलाओं के अधिकारों पर सरकार को घेरने के रणनीति तैयार की है। विपक्ष की ओर से 2023 में पारित महिला आरक्षण बिल को लागू करने का समर्थन कर प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजने की मांग की जाएगी। चर्चा के दौरान विपक्ष महिला अपराध के मुद्दे पर सत्ता पक्ष की घेराबंदी करया नजर आएगा। महिला आरक्षण पर सदन में पक्ष-विपक्ष के मध्य तीखी बहस से हंगामा होने के आसार बन गए हैं।

विधानसभा अध्यक्ष के अनुसार, विशेष सत्र की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। एक दिन के सत्र में नारी शक्ति-लोकतंत्र अधिकार विषय पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने पक्ष-विपक्ष के सदस्यों से आग्रह किया है कि सदन की गरिमा के अनुरूप चर्चा में अपना पक्ष रखें।

नेता प्रतिपक्ष के मुताबिक, महिला आरक्षण बिल पर सरकार जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। विशेष सत्र में विपक्ष के विधायक तथ्यों के साथ चर्चा में सम्मिलित होंगे। महिलाओं के अधिकार व सुरक्षा के मुद्दे पर जवाब मांगें जाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि विशेष सत्र में 2023 में पारित महिला आरक्षण बिल को लागू करने के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजा जाए।

वहीं संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि देश की आधी आबादी को लोकसभा व विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक लाया गया। परंतु विपक्ष ने महिला आरक्षण के विरोध में मतदान कर इसे पारित नहीं होने दिया। विशेष सत्र में नारी शक्ति और उनके अधिकारों पर चर्चा की जाएगी।

मंगलवार को होने वाले विधानसभा विशेष सत्र में विपक्ष भी आक्रामक तेवर दिखाने के लिए तैयार है। इसे लेकर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य की अध्यक्षता में कांग्रेस विधानमंडल दल की बैठक में विधायकों ने महिलाओं के मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर ली है।नेता प्रतिपक्ष आर्य के सरकारी आवास पर हुई बैठक में तय किया गया कि सदन में विपक्ष के विधायक तथ्यों व तर्क के साथ महिला आरक्षण के मुद्दे पर सरकार को माकूल जवाब देगी। साथ ही सत्ता पक्ष ने महिला आरक्षण पर विपक्ष को रोकने की कोशिश की तो विपक्ष द्वारा इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने स्पष्ट तौर पर कहा कि विपक्ष की मांग है कि डबल इंजन सरकार द्वारा 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। 2023 में महिला आरक्षण बिल पारित किया गया था और उस समय विपक्ष ने इस बिल को पारित करने में अपना पूरा समर्थन दिया था। लेकिन भाजपा की मंशा ही महिलाओं को उनका हक दिलाने की नहीं है। यही कारण है कि भाजपा महिला आरक्षण लागू करने के बजाय उसमें संशोधन कर परिसीमन को जोड़ कर लटकाने का काम कर रही है। भाजपा तो महिला आरक्षण पर सिर्फ सियासत कर रही है परंतु विपक्ष सदन में तथ्यों के साथ महिलाओं से जुड़े सभी मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगा।

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