उत्तराखंड : उत्तराखंड राज्य स्थित विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी एक जून को पर्यटकों के दीदार हेतु खोल दी जाएगी। पर्यटकों के घाटी में प्रवेश करते ही उन्हें यहां विभिन्न प्रजाति के रंग – बिरंगे फूल देखने को मिल जाएंगे। वन विभाग का दल हाल ही में घाटी का निरीक्षण कर वापिस लौट आया है। 

विश्व धरोहर में शुमार फूलों की घाटी पर्यटकों के लिए खुलने से पूर्व ही रंग-बिरंगे फूलों से रंगत बिखेरने लगी है। घाटी का निरीक्षण करने गई वन विभाग की टीम वापस लौट आई है और टीम द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक घाटी में तकरीबन दो दर्जन से अधिक प्रजाति के फूल खिल चुके हैं।

विदित हो कि फूलों की घाटी पर्यटकों के लिए एक जून से खुल जाएगी। पर्यटक जैसे ही घाटी में प्रवेश करेंगे उन्हें वहां विभिन्न प्रजाति के फूल दिखाई देंगे। घाटी का निरीक्षण करने के लिए वन क्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में गई टीम वापस लौट आई है। उन्होंने बताया कि घाटी में फूलों के खिलने का क्रम प्रारंभ हो चुका है।

मौजूदा समय  में फूलों की घाटी में दो दर्जन से अधिक प्रजाति के फूल खिले हुए हैं। इसमें कोरिउलिस काशमीरियाना, हैबेनेरिया पेक्टिनाटा, अरिसेमा प्रोपिनक्वम, पोटेलिया, अनेबिया, राजा मैक्रोफिला, रोजा सेरसिया, थमोप्सिस बारबाटा, जिम्नाडेनिया, आर्किडिस, सिरिगा इमोडी, प्रिमुला, एंडोसे, लैनुगिनोमा सहित अन्य फूल शामिल हैं।

जुलाई और अगस्त के बीच यहां करीब 300 प्रजाति के फूल खिलते हैं। वन क्षेत्राधिकारी के अनुसार एक जून को घाटी पर्यटकों के लिए खोल दी जाएगी जिसको लेकर सभी तरह की तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा यात्रा अपने चरम पर है और पिछले दो दिनों से यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान में बने अस्थायी रजिस्ट्रेशन सेंटर में दो दिनों से श्रद्धालु परेशान हैं।केदारनाथ और यमुनोत्री में यात्रियों की संख्या बढ़ने पर यात्रियों के पंजीकरण बंद कर दिए गए। इससे यात्रियों ने हंगामा किया लेकिन पंजीकरण न होने पर यात्रियों को मायूस लौटना पड़ा। उत्तराखंड के चार धामों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने के पश्चात् सीमित संख्या में रजिस्ट्रेशन किए जा रहे हैं।

मंगलवार दोपहर दो बजे रजिस्ट्रेशन सेंटर में पंजीकरण पर रोक लगा दी गई जिस कारण श्रद्धालुओं को निराश होकर वापस लौटना पड़ा। श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया कि रात भर लाइन में लगे रहे लेकिन बिना बताए पंजीकरण काउंटर बंद कर दिए गए, जबकि, पहले 24 घंटे पंजीकरण किए जा रहे थे। उन्होंने मांग की है कि चारधाम जाने के लिए निर्बाध रूप से रजिस्ट्रेशन कराए जाएं।

ऋषिकेश आईएसबीटी स्थित चारधाम यात्रा पंजीकरण काउंटर और रोडवेज के टिकट काउंटर पर भी तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ लग रही है। भीड़ के बेकाबू होने से स्थिति बिगड़ रही है जिससे यात्रियों में धक्कामुक्की हो रही है।

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