उत्तराखंड : उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में राज्य सड़क सुरक्षा कोष प्रबंध समिति की दूसरी महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में सड़क सुरक्षा कोष से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई। इस दौरान मुख्य सचिव ने प्रदेश में सुरक्षित यातायात और नियमों के पालन के लिए कई आवश्यक और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।
मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग के सचिव को पूरे राज्य के लिए एएनपीआर यानि Automated Number Plate Recognition, जोकि कैमरों से संबंधित एक व्यापक कार्ययोजना है, उसे पेश करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि परिवहन, पुलिस, राज्य कर और खनन विभाग, इन सभी को एएनपीआर कैमरों के एक्सेस की जरूरत होती है। इसलिए पृथक – पृथक कार्य करने के स्थान पर पूरे प्रदेश के लिए एक एकीकृत कार्ययोजना तैयार करने की आवश्यकता है।
यातायात नियमों के उल्लंघन पर की जा रही कार्रवाई की निगरानी के लिए मुख्य सचिव ने एक सख्त व्यवस्था बनाने पर जोर दिया। अब परिवहन और पुलिस विभाग द्वारा किए जाने वाले चालानों की एक संकलित रिपोर्ट प्रत्येक माह मुख्य सचिव कार्यालय को भी प्रेषित की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने सड़क सुरक्षा कोष की एक वार्षिक कार्ययोजना बनाने पर भी बल दिया, जिसमें सड़क सुरक्षा के सभी पहलुओं को सम्मिलित किया जाएगा।
मुख्य सचिव ने बजट को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि रूटीन काम विभागीय बजट से ही किए जाएंगे। बजट के सही इस्तेमाल को लेकर मुख्य सचिव ने कहा कि रोड फर्नीचर और साइनेज लगाने जैसे रूटीन काम लोक निर्माण विभाग द्वारा ही किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपने कार्यक्षेत्र से जुड़े कार्यों को अपने तय विभागीय बजट से ही पूर्ण करने को प्राथमिकता दें। इस कोष का इस्तेमाल सिर्फ उन्हीं महत्वपूर्ण कार्यों के लिए किया जाएगा, जिनके लिए विभागों के पास बजट उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि किसी भी प्रस्ताव को मुख्य समिति के सामने रखने से पूर्व उसकी बारीकी से जांच की जाए। इसके लिए एक विशेष उपसमिति गठित की जाएगी, जो यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी कार्य में दोहराव न होने पाए और बजट का सटीक इस्तेमाल हो।
