नई दिल्ली : देशभर का मौसम आगामी हफ्तों के लिए राहत भरी खबर लेकर आने वाला है। दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल में प्रवेश के करीब है और उत्तर, पूर्वोत्तर, मध्य और दक्षिण भारत में बारिश, आंधी, ओलावृष्टि और तेज हवाओं की संभावना बन रही है। कई राज्यों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है जिससे गर्मी से भी राहत मिलने की उम्मीद है।

देश के मौसम में अगले एक सप्ताह के दौरान बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। जहां एक ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल में प्रवेश करने की तैयार है, वहीं दूसरी ओर उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के विभिन्न हिस्सों में बारिश, आंधी, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है।

भारत मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल, लक्षद्वीप और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। इसके साथ ही अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई क्षेत्रों में भी मानसून को गति प्रदान करने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।

मौसम विभाग द्वारा हिमाचल प्रदेश में गुरुवार के लिए मंडी, कांगड़ा, कुल्लू, शिमला और सिरमौर जिलों में ओलावृष्टि, आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। कई क्षेत्रों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका जताई गई है।

उत्तराखंड में भी मौसम की सक्रियता बनी रहेगी। चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, राजधानी देहरादून और टिहरी जिलों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। 4000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना व्यक्त की गई है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी बारिश, गरज-चमक और ओलावृष्टि की संभावना बन रही है।

पंजाब और हरियाणा में अभी गर्मी का दौर जारी है लेकिन आईएमडी द्वारा जारी किए गए अलर्ट के अनुसार पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 4 से 6 जून के मध्य गरज-चमक, बारिश और 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती हैं। राजधानी दिल्ली में 4 और 5 जून को हल्की बारिश, धूल भरी आंधी का अनुमान जताया गया है, जिससे तापमान में कुछ गिरावट आने की संभावना बन सकती है।

राजस्थान में भी भीषण गर्मी और उमस ने कहर ढा रखा है। जैसलमेर का तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा दर्ज हुआ है और वह  राज्य का सबसे गर्म स्थान बना हुआ है। हालांकि मौसम विभाग ने पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में अगले कुछ दिनों के दौरान आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना व्यक्त की है। जिससे कुछ राहत मिलने की उम्मीद बनी है। हालांकि पश्चिमी राजस्थान में धूल भरी आंधी चलने की भी संभावना है।

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में गरज-चमक, तेज हवाओं और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना बन रही है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 3 से 5 जून के मध्य मौसम ज्यादा सक्रिय रह सकता है। महाराष्ट्र, गुजरात, कोंकण-गोवा, मराठवाड़ा, सौराष्ट्र और कच्छ में भी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने का अनुमान जताया गया है।

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, मणिपुर, नागालैंड, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले सप्ताह तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। असम और मेघालय में 8 – 9 जून को बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। अरुणाचल प्रदेश में भी कई दिनों तक भारी वर्षा होने का अनुमान है।

अरुणाचल में बुधवार को भारी बारिश-भूस्खलन होने से यातायात बाधित हो गया। अकाजन-लिकाबाली-बामे सड़क पर कई जगह भूस्खलन से मलबा जमा हो गया। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में अर्थमूवर और खुदाई मशीनें भेजकर तेजी से मलबा हटाने का काम किया गया और दोपहर तक सड़क पर यातायात बहाल कर दिया गया। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है, क्योंकि निरंतर बारिश के चलते फिर से भूस्खलन हो सकता है।

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