उत्तराखंड : उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में बुधवार के लिए मौसम विभाग की ओर से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। प्रदेश में मंगलवार को रुक-रुककर हुई बारिश ने मैदानी इलाकों को उमस और गर्मी से राहत प्रदान की और पर्वतीय इलाकों में बारिश ने ठंड का अहसास करा दिया। बुधवार के लिए भी प्रदेश भर के पर्वतीय इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
मंगलवार सुबह से ही राजधानी देहरादून के अलग-अलग हिस्सों में शुरू हुई बारिश का सिलसिला शाम तक जारी रहा। रुक-रुककर हुई हल्की बारिश ने लोगों को गर्मी और उमस से राहत दिला दी।
वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित पूरे एनसीआर के लिए मौसम विभाग की ओर से बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। बुधवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए हैं और कई इलाकों में रूक-रूक कर बारिश हो रही है।
दिल्ली और एनसीआर पर मानसून मेहरबान हो गया है। मंगलवार को दिल्ली में तेज बारिश हुई और बुधवार को भी सुबह से रुक-रुक कर कई इलाकों में बारिश हो रही है। नोएडा और फरीदाबाद में भी बारिश हो रही है। ग्रेटर नोएडा में हुई झमाझम बारिश से मौसम सुहावना हो गया। बारिश का असर यातायात पर भी देखने को मिला और सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई।
दिल्ली और फरीदाबाद में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से मौसम सुहावना हो गया है और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। वहीं फरीदाबाद में ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन के बाहर जलभराव से यात्रियों को परेशानी का सामना भी करना पड़ा।
बीते मंगलवार को दिल्ली में दिन में ही रात जैसा नजारा देखने को मिला था। मानसून की दस्तक से तापमान में गिरावट दर्ज की गई जिससे मौसम खुशनुमा बन गया। हालांकि, इस राहत के साथ कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या भी उत्पन्न हुई।
मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली में आने वाले कुछ दिनों तक मौसम सुहावना बना रहने की संभावना है। 8 से 13 जुलाई तक आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में हल्की तो कुछ जगहों पर मध्यम बारिश भी हो सकती है। इस दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही आंधी और बिजली चमकने की भी संभावना है। मौसम विभाग की ओर से बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।
अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान करीब 35 – 38 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना जताई गई है, जबकि न्यूनतम तापमान 28 – 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को तेज हवाओं और आंधी के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। बारिश के कारण कुछ इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की संभावना भी बन सकती है।
वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी मानसून सक्रिय होने से रिमझिम बारिश और बादलों के कारण तापमान में गिरावट दर्ज हुई है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना व्यक्त की है, जो कि धान, गन्ना और अन्य खरीफ फसलों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून सक्रिय होने से पिछले 24 घंटे में मौसम का मिजाज पूरी तरह परिवर्तित हो गया है। कहीं रिमझिम बारिश तो कहीं घने बादलों की आवाजाही के चलते लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और सुबह व शाम का मौसम भी सुहावना हो गया है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक क्षेत्र में मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना व्यक्त की है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हुई बारिश के कारण मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत, शामली, हापुड़ और आसपास के जिलों में अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। दोपहर में तेज धूप का असर कम रहा और ठंडी हवाओं से लोगों को राहत मिली। हालांकि कुछ स्थानों पर बारिश रुकने के पश्चात उमस भी महसूस की गई, लेकिन बादलों की मौजूदगी ने गर्मी का असर पहले की तुलना में काफी कम कर दिया।
मानसून की बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है। धान की नर्सरी और रोपाई के लिए खेतों में पर्याप्त नमी मिलने लगी है। खेतों में नमी बढ़ने से सिंचाई की जरूरत कम हो जाएगी और किसानों की लागत में भी कमी आने की उम्मीद है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हल्की बारिश का क्रम बना रहता है तो यह खरीफ फसलों के लिए बेहतर रहेगा। हालांकि जिन क्षेत्रों में अधिक जलभराव की समस्या है, वहां किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करनी पड़ेगी, ताकि फसलों की जड़ों को नुकसान न पहुंचने पाए।
