उत्तर प्रदेश : अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरणविद सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनसे अनशन तोड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आपका जीवन अनमोल है लेकिन इस सरकार के लिए किसी के भी जीवन का कोई मूल्य नहीं है।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों के साथ अनशन कर रहे प्रसिद्ध पर्यावरण विद सोनम वांगचुक से अनशन तोड़ने की अपील की है। उनकी बिगड़ती हालत को देखकर अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा की सरकार भ्रष्ट और हृदयहीन है। इसके लिए किसी के भी जीवन का कोई महत्व नहीं है।
सपा अध्यक्ष ने एक्स पर कहा कि सोनम वांगचुक जी से हमारा अति विनम्र आग्रह और सविनय अपील है कि वो अपना अनशन तोड़ दें। उनका जीवन समस्त विश्व के लिए अनमोल है क्योंकि उसमें मानवता और पर्यावरण के लिए उतनी ही प्रतिबद्धता है जितनी की लोकतंत्र के लिए।
जिस भाजपा सरकार को जगाने के लिए वो आमरण अनशन पर हैं वो तो एक सिद्धांतहीन, भ्रष्ट तंत्र है, उसकी असंवेदनशीलता और हृदयहीनता में किसी के भी त्याग का कोई महत्व नहीं है, अत: भाजपाइयों से सदाचार और हृदय-परिवर्तन की कोई भी अपेक्षा करना निरर्थक है। भाजपाइयों के लिए किसी के जीवन का कोई भी मोल नहीं है और उनके लिए धन ही प्रधान है।
वो भ्रष्टाचार से कमाए पैसों के घमंड में चूर हैं। उनमें बदलाव की आशा करना ही व्यर्थ है। जिनमें अहंकार होता है उनमें परिष्कार नहीं होता। सत्याग्रह का महत्व वो क्या जानें जो सत्ताग्रह के लालच में मंदिर तक लूट ले रहे हैं। उन्हें न तो युवाओं के भविष्य से कुछ लेना-देना है, न उनके माता-पिता और अन्य परिजनों के सपनों से, वो तो ख़ुदगर्ज़ लोग हैं।
लोकतंत्र का गला घोंटनेवाली महापापी-अधर्मी भाजपा और उसके भूमिगत अपंजीकृत संगी-साथियों के गिरोह को हराने और सदैव के लिए हटाने के लिए आपके मनोबल और नैतिकता की महाशक्ति हर सच्चे भारतीय की प्रेरणा बनती रहे और आप देशवासियों, युवाओं, लोकतंत्र और पर्यावरण के संघर्ष के लिए नकारात्मक ताकतों के खिलाफ सदैव प्रकाश स्तंभ बने रहें, यही हम सबकी चाह है और प्रार्थना भी।
विदित हो कि सोनग वांगचुक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। वह युवा प्रदर्शनकारियों के साथ शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर आमरण अनशन कर रहे हैं। अनशन के चलते उनका स्वास्थ्य बिगड़ता जा रहा है जिसपर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनसे अनशन तोड़ने की अपील की है।
फिल्मी अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने भी कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों के साथ अनशन कर रहे प्रसिद्ध पर्यावरणविद सोनम वांगचुक से अनशन तोड़ने की अपील की है। उनके अलावा कई अन्य सेलेब्स ने भी सोनम को अपना समर्थन दिया है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर गत माह 28 जून से भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सेहत निरंतर बिगड़ती जा रही है। ऐसे में कई बॉलीवुड सितारों ने उनकी सेहत को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की है। नसीरुद्दीन शाह ने भी सोनम वांगचुक को सपोर्ट किया है।
अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने सोनम वांगचुक से अपना अनिश्चितकालीन अनशन खत्म करने की अपील करते हुए कहा कि आगे की लंबी लड़ाई के लिए हमें आपकी जरूरत है। एक संयुक्त बयान में उन्होंने वांगचुक के साहस की तारीफ की और साथ ही उनकी बिगड़ती सेहत पर चिंता भी व्यक्त की है।
नसीरुद्दीन शाह ने एक्ट्रेस रत्ना पाठक शाह, लेखिका अरुंधति रॉय और अर्थशास्त्री जयंती घोष के साथ मिलकर एक संयुक्त बयान में सोनम वांगचुक से अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त करने की अपील की। उन्होंने कथित NEET-UG पेपर लीक को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शन को भी अपना समर्थन दिया। ज्ञात हो कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर वांगचुक का अनशन पिछले 17 दिन से जारी है।
हिंदी फिल्म 3 इडियट्स में चतुर का किरदार निभाने वाले एक्टर ओमी वैद्य ने भी वांगचुक को अपना समर्थन दिया है। ओमी वैद्य ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए कहा कि मैं नहीं चाहता कि फुंसुक वांगडु मर जाएं। मैं ओमी वैद्य, 3 इडियट्स का चतुर और द ऑफिस का सादिक। आपके लिए एक जरूरी संदेश है। मैं अक्सर ऐसा नहीं करता, इसलिए प्लीज ध्यान से सुनें। क्या आप जानते हैं कि 3 इडियट्स के फुंसुक वांगडु असल में लद्दाख के एक इंजीनियर, इनोवेटर, एजुकेटर और सुधारक सोनम वांगचुक पर आधारित है। मैं उनसे मिल चुका हूं। वह काफी दिलचस्प इंसान हैं।
आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी लद्दाख के अधिकारों और देश के युवाओं के भविष्य के लिए दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 17 दिनों से आमरण अनशन कर रहे सोनम वांगचुक के समर्थन की घोषणा की है।
संजय सिंह ने पेपर लीक, नीट धांधली और अग्निवीर जैसी योजनाओं से बर्बाद हो रहे करोड़ों युवाओं की आवाज को दबाने का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार को संवेदनहीन करार दिया। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक के अनशन से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संवेदनहीन भाजपा सरकार का हृदय नहीं पसीजेगा।
प्रधानमंत्री पर तीखा जुबानी हमला बोलते हुए संजय सिंह ने याद दिलाया कि प्रोफेसर जी.डी. अग्रवाल ने गंगा की निर्मलता के लिए 100 दिनों से ज्यादा अनशन किया था, लेकिन मोदी जी का दिल नहीं पसीजा। उनकी मृत्यु के पश्चात प्रधानमंत्री ने केवल औपचारिकता का ट्वीट करके इतिश्री कर ली।
उन्होंने भाजपा के सांसदों और विधायकों से सवाल पूछा कि क्या उनके बच्चों के पेपर लीक नहीं होते? आज उन्हें भी दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सोनम वांगचुक की बात सुनने और अपनी सरकार पर दबाव बनाने की आवश्यकता है।
संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश की जनता का आह्वान करते हुए कहा कि मैंने तय किया है कि 20 जुलाई को आम आदमी पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई प्रत्येक जिले में सोनम वांगचुक के समर्थन में विशाल आंदोलन करेगी। उन्होंने भावुकता से कहा कि वह इस अपराध बोध के साथ नहीं जीना चाहते कि जिस समय एक व्यक्ति देश के भविष्य के लिए जान की बाजी लगा रहा था, तब हम खामोश रहे। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अस्पताल में भर्ती अनशनकारी बिटिया और जंतर-मंतर पर बैठे 25 अन्य अनशनकारियों के हक में अपनी आवाज बुलंद करें।
