उत्तराखंड : उत्तराखंड में मॉनसूनी बारिश कहर बरपा रही है। पहाड़ से लेकर मैदान तक भारी बारिश के चलते आपदा जैसे हालत पैदा हो गए हैं। राजधानी देहरादून और उसके आसपास के इलाकों की स्थिति कुछ खास अच्छी नहीं दिखाई दे रही है। देहरादून में भारी बारिश की वजह से हुए जलभराव के कारण कई स्थानों पर बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। इसके साथ ही कुछ इलाकों में पहाड़ों के दरकने के वीडियो फुटेज भी सामने आ रहे हैं। फिलहाल शासन-प्रशासन राहत और बचाव के कार्यों में लगा हुआ है।
प्रत्येक वर्ष की भांति इस बार भी देहरादून के आईटी पार्क और राजपुर रोड की सड़कें तालाब में तब्दील नजर आईं। हालात ऐसे हैं कि सहस्त्रधारा रोड पर आईटी पार्क का बरसाती गदेरा सड़क के ऊपर अपने पूरे वेज से बह रहा है। आईटी पार्क के अलावा देहरादून के अन्य इलाकों में भी छोटे गदेरे और बरसाती नाले उफान पर नजर आ रहे हैं।बिंदाल और रिस्पना नदियों का जल स्तर भी बढ़ गया है।
वहीं मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 24 घंटे में देहरादून जिले में औसतन 39 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई की गई है। सबसे ज्यादा 103 मिमी बारिश मालदेवता में रिकॉर्ड की गई, जिससे एक बार फिर से इस क्षेत्र में हालात संवेदनशील बन गए हैं। इसके अलावा अन्य क्षेत्रों में भी बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित रहा।
बारिश का व्यापक असर मालदेवता-सिल्ला मोटर मार्ग पर देखने को मिला, जहां रविवार रात हुए भारी भूस्खलन से सड़क पूरी तरह मलबे से भर गई। मार्ग बंद होने से स्थानीय लोगों और यात्रियों को आवाजाही में दिक्कत हुई है। घटना की सूचना मिलने पर जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग आदि की टीम मौके पर पहुंची और दोनों ओर से जेसीबी लगाकर पूरी रात मलबा साफ करने का कार्य किया गया। काफी मशक्कत के बाद सोमवार सुबह तक सड़क को यातायात के लिए खोल दिया गया जिससे आवाजाही सामान्य हो पाई।
प्रशासन का कहना है कि लगातार बारिश को देखते हुए इस मार्ग सहित अन्य संवेदनशील मार्गों की निरंतर निगरानी की जा रही है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जा सके।
मौसम विभाग द्वारा भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए देहरादून जिला प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से यात्रा न करने की अपील की है। लोगों को विशेष रूप से नदी, नालों, गाड़-गदेरों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है। पर्वतीय मार्गों पर यात्रा करने वाले यात्रियों से मौसम की जानकारी लेने के पश्चात ही यात्रा करने को कहा गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल जिले के प्रमुख मार्ग खुले हुए हैं, परंतु मौसम में अचानक बदलाव होने पर स्थिति में परिवर्तन आ सकता है। ऐसे में लोगों से मौसम विभाग और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की गई है। वहीं प्रदेश में भारी बारिश की आशंका के चलते राज्य सरकार ने भी पूरी सरकारी मशीनरी को सक्रिय कर दिया है।
मानसून के वर्तमान दौर में सर्वाधिक खतरा नदियों के अचानक बढ़ते जलस्तर और भूस्खलन से है। इसके मद्देनजर सभी जिलों के संबंधित अधिकारियों को नदियों एवं गाड-गदेरों और संवेदनशील पहाड़ी ढलानों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर जोखिम वाले क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।
