पंजाब/ अमृतसर

संवाददाता: अनील सौदा

पंजाब पुलिस के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर की अगुवाई में पुलिस ने आईएसआई समर्थित दो आतंकी मॉड्यूल को ध्वस्त करने में कामयाबी हासिल की है। पुलिस की इस कार्रवाई में 09आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। इन आरोपियों द्वारा रेलवे ट्रैक पर सीसीटीवी कैमरे लगाकर उनका फुटेज पाकिस्तान भेजा जा रहा था। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करके उनके नापाक मंसूबों की साजिश को नाकाम कर दिया है।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 4 नाबालिग भी शामिल हैं और उनके पास से पिस्तौल, जिंदा कारतूस, पेट्रोल बम और सीसीटीवी उपकरण आदि बरामद बरामद किए गए हैं। नाबालिगों की गिरफ्तारी पर पुलिस आयुक्त ने चिंता व्यक्त करते हुए युवाओं को कट्टरपंथी और लालच से बचाने के लिए माता-पिता, अभिभावकों और शिक्षकों से इसमें अहम भूमिका निभाने की अपील की है।



प्रदेश के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा संगठित अपराध और ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत चलाए गए वृहद आतंक विरोधी अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है। अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने अभियान के तहत पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े सीमा पार के दो आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया और 09 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

पुलिस ने आरोपियों के पास से अवैध पिस्तौल, जिंदा कारतूस, पेट्रोल बम, सीसीटीवी कैमरे, मोटरसाइकिल और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री बरामद की है। पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पहला मॉड्यूल रेलवे ट्रैक के पास सीसीटीवी कैमरे लगाकर वहां से पाकिस्तान में बैठे आईएसआई के हैंडलर्स को लाइव फुटेज भेज रहा था।

आरोपियों का मकसद भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचाना, रेलवे समेत महत्वपूर्ण ढांचों की रेकी करना और पंजाब की शांति भंग करना था। पुलिस ने समय रहते त्वरित कार्रवाई की और उनकी साजिश को नाकाम कर दिया। पुलिस आयुक्त ने बताया कि जांच के दौरान सबसे पहले वंश नाम के एक युवक को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से .32 बोर की देसी पिस्तौल और कारतूस बरामद हुए।

उससे पूछताछ के आधार पर हरमन उर्फ हम्मु, सुखदेव, अनमोल और अन्य साथियों को गिरफ्तार किया गया। जांच में पता चला कि हरमन और सुखदेव को पहले भी अवैध हथियारों के मामले में गिरफ्तार किया जा चुका था और वह जमानत पर रिहा होने के बाद वे फिर से आईएसआई के हैंडलर्स के संपर्क में आ गए।

पुलिस के अनुसार, इस मॉड्यूल को पेटीएम के जरिए आर्थिक सहायता दी जा रही थी, जिसके वित्तीय पहलू की भी जांच की जा रही है। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि दूसरे मॉड्यूल के सदस्यों को विदेश में बैठे हैंडलर्स द्वारा ऑनलाइन निर्देश दिए जा रहे थे। उन्हें पुलिस थानों, सुरक्षा प्रतिष्ठानों और पुलिसकर्मियों की रेकी करने, पेट्रोल बम हमलों की योजना बनाने और लोगों में दहशत फैलाने के लिए उकसाया जा रहा था। पुलिस ने अपनी कार्रवाई में इस मॉड्यूल से चार पेट्रोल बम, एक पिस्तौल, एक लाइटर और एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *