उत्तराखंड : उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण/ गैरसैंण में मंगलवार को विधानसभा के वर्ष 2026 का तृतीय सत्र प्रारंभ हुआ। सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू की गई। प्रथम दिवस की शुरुआत वंदे मातरम के साथ की गई। इसके पश्चात निधन के निर्देश के तहत प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी और पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
दोनों नेताओं के निधन पर सदन में शोक प्रकट किया गया और इसके बाद सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाई गई। सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 की अनुपूरक अनुदान मांगें प्रस्तुत की गईं । इसके साथ ही विभिन्न विभागों से जुड़े विधेयकों और अध्यादेशों को भी सदन के पटल पर रखा गया। दिनभर की निर्धारित कार्यवाही पूर्ण होने के उपरांत विधानसभा अध्यक्ष ने सदन को बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
विधानसभा सत्र के पहले दिन सरकार की ओर से वित्तीय वर्ष 2026-27 की अनुपूरक अनुदान मांगें सदन में रखी गईं। अनुपूरक बजट के जरिए सरकार चालू वित्तीय वर्ष में पहले से स्वीकृत बजट के अतिरिक्त जरूरी खर्चों के लिए सदन से मंजूरी लेती है। ऐसे में अनुपूरक अनुदान मांगों की प्रस्तुति पहले दिन की प्रमुख कार्यवाही रही।
हालांकि, विधानसभा की जारी कार्यसूची में अनुपूरक बजट की कुल धनराशि का उल्लेख नहीं किया गया था। इसके पश्चात सदन में विभिन्न विभागों से जुड़े विधेयकों और अध्यादेशों को सदन के पटल पर रखने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। कार्यसूची में इन विषयों के लिए अलग – अलग बिंदु निर्धारित किए गए थे।
सत्र के दौरान 03 बजे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अनुपूरक बजट पेश करने का प्रस्ताव किया। इसके पश्चात 7,844 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट पेश किया गया। अनुपूरक बजट पेश करने के उपरांत सीएम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने कार्यकाल के विकास कार्यों की जानकारी साझा की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के 7,844 करोड़ रुपए के अनुपूरक बजट को राज्य को 2047 तक विकसित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम कदम बताया। बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, किसानों, बुनियादी ढांचे, जल जीवन मिशन, आपदा प्रबंधन और युवाओं के लिए कई प्रावधान किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के 26 वर्षों में उत्तराखंड ने विकास की लंबी यात्रा तय की है। यह राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष, प्रदेशवासियों की मेहनत और जनभागीदारी का परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प में उत्तराखंड अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।
वहीं दूसरी ओर गैरसैंण में विधानसभा सत्र की शुरुआत के साथ ही विपक्षी दलों का हंगामा भी शुरू हो गया। कांग्रेस तख्तियों के साथ विधानसभा घेराव को पहुंची तो उनकी पुलिस से तीखी नोक – झोंक हुई।
सदन के बाहर कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कांग्रेसियों ने अंकिता भंडारी को न्याय दो वाली तख्तियां पकड़ी हुई थी।
प्रदर्शनकारियों ने बेरोजगारी, महंगाई, और भाजपा सरकार की नीतियों के विरोध में मार्च निकाला और गैरसैंण विधानसभा का घेराव करने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी तनातनी भी देखने को मिली।
कांग्रेस गैरसैंण में सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग कर रही है। एक दिन पहले विधानमंडल दल की बैठक में कांग्रेस विधायकों ने इसका पूर्ण समर्थन किया था। साथ ही कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों को भी उठाया गया।
भराड़ीसैंण में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि दो दिन का सत्र नाकाफी है और खानापूर्ति मात्र है। उन्होंने कहा कि एक सत्र कराने में ही जनता की गाढ़ी कमाई का करोड़ों रुपये खर्च हो जाता है। सत्र के लिए यहां तमाम व्यवस्थाएं की जाती हैं, लेकिन सरकार खानापूर्ति करना चाहती है।