पंजाब/ अमृतसर
संवाददाता : अनिल सौदा
पुलिस आयुक्त हरमनवीर सिंह गिल ने किया खुलासा: आरोपी अपने जेल में बंद साथी को छुड़ाने की रच रहा था साजिश
फरार आकाश 7 आपराधिक मामलों में वांछित था, जिनमें बटाला के एक मनी एक्सचेंजर से 2.5 लाख रुपये की लूट भी शामिल है।
मौके से .30 बोर की पिस्तौल, जिंदा कारतूस और एक स्कूटर बरामद किया गया; शेष 4 साथियों की तलाश तेज कर दी गई है।
अमृतसर पुलिस मुठभेड़: कुख्यात अपराधी आकाशदीप अमृतसर पुलिस मुठभेड़ में घायल, पुलिस आयुक्त हरमनवीर सिंह गिल ने बड़ा खुलासा किया।
अमृतसर पुलिस ने पंजाब में कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों के खिलाफ अपने सख्त अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस और कुख्यात अपराधी के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में वांछित अपराधी आकाशदीप उर्फ आकाश को गोली लग गई। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया और इलाज के लिए अस्पताल ले गई।
घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए पुलिस आयुक्त हरमनवीर सिंह गिल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी कई गंभीर घटनाओं में शामिल रहा है और पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी।
पुलिस आयुक्त हरमनवीर सिंह गिल ने बताया कि घायल आरोपी आकाशदीप उर्फ आकाश कादियान जिला बटाला का निवासी है। उसके खिलाफ विभिन्न पुलिस थानों में कुल 7 आपराधिक मामले दर्ज हैं और अदालतों ने उसे भगोड़ा (पी.ओ.) घोषित कर दिया है।
कमिश्नर के अनुसार, हाल ही में आरोपी ने बटाला में एक बड़ी घटना को अंजाम दिया था, जहां बंदूक की नोक पर एक मनी एक्सचेंजर की दुकान से लगभग 2.5 लाख रुपए लूट लिए गए थे। इस लूट में उसके अन्य साथी भी शामिल थे, जिनकी पहचान पुलिस द्वारा की जा चुकी है।
कमिश्नर गिल ने एक महत्वपूर्ण खुलासा करते हुए कहा कि आरोपी आकाशदीप अपने साथियों के साथ मिलकर एक खतरनाक साजिश को अंजाम देने की तैयारी कर रहा था। उन्होंने बताया कि एक कुख्यात अंग्रेज अपराधी को पुलिस हिरासत से छुड़ाने की योजना बनाई जा रही थी, जिसके खिलाफ भोला हत्याकांड और कोट खालसा हत्याकांड सहित 15 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
इस साजिश के तहत अदालत में पेशी के दौरान या जन्मदिन की पार्टी के लिए ढाबे पर रुकने का बहाना बनाकर पुलिस दल पर गोलीबारी करने और अंग्रेज को पुलिस हिरासत से छुड़ाने की योजना बनाई गई थी।
हालांकि, पुलिस की सतर्कता और मानवीय एवं तकनीकी जानकारी के आधार पर उनकी योजना विफल हो गई। पुलिस आयुक्त ने बताया कि पुलिस खुफिया जानकारी और सीसीटीवी कैमरों की मैपिंग के जरिए संदिग्ध रास्तों पर लगातार नजर रख रही थी। जब पुलिस दल ने आरोपी को घेर लिया और उसे रुकने का इशारा किया, तो रुकने के बजाय उसने सीधे पुलिस दल पर गोलीबारी शुरू कर दी। पुलिस ने पहले उसे आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन बदमाश ने लगातार दो राउंड गोलियां चलाईं।
जवाबी कार्रवाई में, पुलिस दल ने भी आत्मरक्षा में दो राउंड गोलियां चलाईं। इसी दौरान एक गोली आकाशदीप के पैर में लगी, जिससे वह मौके पर ही गिर पड़ा और पुलिस द्वारा उसे हिरासत में ले लिया गया।
पुलिस ने घटनास्थल से एक .30 बोर की पिस्तौल, दो खाली कारतूस, तीन जिंदा कारतूस और एक स्कूटर बरामद किया है। बरामद स्कूटर का रजिस्ट्रेशन नंबर अमृतसर का है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या वाहन चोरी का है या आरोपियों ने इसे किसी अन्य तरीके से हासिल किया था।
पुलिस आयुक्त ने अंत में स्पष्ट किया कि इस गिरोह में शामिल शेष चार साथियों की भी पहचान कर ली गई है और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए विभिन्न पुलिस टीमों द्वारा लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि शेष आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाएगा।