उत्तराखंड : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित होने जा रही है। कैबिनेट बैठक में शहरी विकास, आवास सहित कई प्रस्तावों पर मुहर लगने की संभावना है। 

सीएम धामी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में पर्यटन विभाग की रिवर राफ्टिंग एंड क्याकिंग नियमावली समेत ऊर्जा एवं पेयजल के भी प्रस्ताव आ सकते हैं।

दूसरी ओर प्रदेश में एपीएल (राज्य खाद्य योजना) और अंत्योदय राशन कार्ड की अधिकतम आय सीमा में जल्द ही संशोधन किया जाएगा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों को इसके लिए दिशा निर्देश जारी किए उन्होंने कहा कि राशन विक्रेताओं का 39 करोड़ रुपये का बकाया लाभांश भी अगले एक सप्ताह के भीतर जारी कर दिया जाएगा।

समीक्षा बैठक में मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि राशन कार्ड बनाने के न्यूनतम आय मानक काफी पुराने हो गए हैं जिससे लोगों को नए राशन कार्ड बनवाने में परेशानी हो रही है। उन्होंने अधिकारियों से एक समिति बनाकर इन मानकों की समीक्षा किए जाने को कहा। समिति में सभी जिला पूर्ति अधिकारियों के सुझाव भी सम्मिलित किए जाएंगे।

केंद्र सरकार से हाल ही में 39 करोड़ रुपये का बजट प्राप्त हुआ है, जिसके तहत नवंबर से जो लाभांश बकाया चला आ रहा है उसे जारी कर दिया जाएगा। बैठक में प्रमुख सचिव, खाद्य आयुक्त, अपर आयुक्त, राशन विक्रेता संगठन के अध्यक्ष आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

बैठक में राशन विक्रेता संगठन के पदाधिकारियों ने राज्य खाद्य योजना के तहत लाभांश 50 रुपये से बढ़ाकर 180 रुपये करने की मांग रखी। इस पर मंत्री ने उन्हें कैबिनेट में जल्द प्रस्ताव लाने का आश्वासन दिया। राशन विक्रेताओं की मांग पर मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 30 जून तक राशन वितरण प्रणाली को पूरी तरह ऑनलाइन किया जाए। इससे मैन्युअल रजिस्टर रखने की व्यवस्था समाप्त हो जाएगी।

विदित हो कि  राशन कार्ड बनाने के लिए एक नए सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जा रहा है। कर्मचारियों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए उन्हें जल्द प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्हें प्रशिक्षण देने के लिए केंद्र से दो प्रशिक्षक बुलाए गए हैं।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने बैठक में चारधाम यात्रा को देखते हुए भी विशेष निर्देश दिए गए। सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को अगले तीन महीने का राशन दुकानों तक जल्द से जल्द पहुंचाने को कहा गया है, ताकि राशन वितरण में कोई देरी न होने पाए। एलपीजी गैस आपूर्ति की समीक्षा करने के पश्चात मंत्री ने बताया कि प्रदेश में घरेलू और व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति अब पूरी तरह नियंत्रण में और नियमित है। प्रदेश में कहीं से भी गैस की कमी की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हो रही है।

वहीं, राज्य के पांच गांवों में बंदोबस्ती कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। यहां पर भूमि चार निकायों की तरह डिजिटल रिकार्ड तैयार करने करने का कार्य किया जा रहा है। इन गांवों से मिले अनुभव के आधार पर राज्य के अन्य गांवों में बंदोबस्ती आगे बढ़ाई जाएगी।

बता दें कि राज्य में साठ के दशक के बाद से भूमि बंदोबस्त का कार्य नहीं हो सका है। इसके लिए लंबे समय से प्रयास किया जा रहा है,के और अब राजस्व विभाग ने कदम आगे बढ़ाए हैं। इसके लिए पायलेट प्रोजेक्ट के तहत राज्य के पांच गांवों से शुरुआत की गई है। राज्य में पौड़ी जिले के थली और निसनी गांव से इसकी शुरुआत की गई है। इसके अतिरिक्त इसमें टिहरी के पनसूतर और मुखमल के अलावा हरिद्वार जिले का हंसावाला गांव शामिल है।

राजस्व विभाग के अधिकारियों के मुताबिक अभी भूमि की सूचना और नक्शा मैनुअल है जिसे डिजिटल तौर पर तैयार किया जाएगा। इसके तहत ड्रोन सर्वे, भू- सत्यापन, अभिलेखों का मिलान और नोटिस देकर पक्ष सुनने का कार्य किया जाना है। इसमें पांचों गांव में सर्वे का कार्य पूर्ण हो चुका है। हरिद्वार जिले के हसनावाला गांव में भू-सत्यापन का कार्य भी पूर्ण हो चुका है। पौड़ी जिले के दोनों गांवों में 95 प्रतिशत भू-सत्यापन हो चुका है, जबकि टिहरी के गांवों में अभी इसका कार्य चल रहा है।

राजस्व परिषद सदस्य के अनुसार, पांच गांवों में भूमि का डिजिटल रिकार्ड तैयार करने का कार्य चल रहा है जिसमें से काफी कार्य किया जा चुका है। इससे प्राप्त अनुभव के आधार पर आगे राज्य के अन्य गांवों में डिजिटल रिकार्ड तैयार करने का कार्य किया जाएगा। डिजिटल रिकार्ड तैयार होने से कई तरह की सुविधाएं मिल सकेंगी। 

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