उत्तराखंड : कैलाश मानसरोवर यात्रा का श्रीगणेश हो गया है। रविवार को चंपावत में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कैलाश मानसरोवर यात्रियों के प्रथम दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। टनकपुर कैंप में आयोजित कार्यक्रम में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धालुओं के साथ वार्तालाप भी किया।

इस अवसर पर उन्होंने यात्रियों से कहा कि आप भोलेनाथ के दर्शन के लिए जा रहे हैं तो उत्तराखंड की संस्कृति का प्रचार भी अपने-अपने क्षेत्र में अवश्य करें। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं से धारचूला में स्थानीय उत्पादों को खरीदने की अपील भी की। कैलाश मानसरोवर यात्रा के पहले दल को सीएम धामी द्वारा रवाना किए जाने के दौरान पूरा क्षेत्र हर-हर महादेव के जयकारों से गुंजायमान रहा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री जिस प्रकार से वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा दे रहे हैं उसी तरह से आप भी यहां के स्थानीय उत्पाद खरीद कर स्थानीय उत्पादकों को प्रोत्साहित करें।

उन्होंने कहा कि जो भी यात्री कैलाश मानसरोवर यात्रा के दर्शन को जा रहे हैं, वह वहां से वापिस लौटकर आने पर अपने-अपने राज्यों में जब जाएं तो उत्तराखंड के ब्रांड एम्बेसडर बनकर जाएं।

इससे पहले सनातन धर्म की पावन कैलाश मानसरोवर यात्रा के पहले जत्थे के 49 सदस्यों के टनकपुर टीआरसी पहुंचने पर माहौल शिवमय हो गया। यात्रियों का छोलिया नृत्य से, तिलक लगा कर और फूलमाला पहना कर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। प्रथम यात्री दल में 15 महिला और 34 पुरुष यात्री शामिल हैं।

यात्रियों में से अधिकांश यात्री पहली बार यह यात्रा कर रहे हैं। यात्रियों ने कहा कि देवभूमि के कण-कण में भगवान विराजमान हैं। यात्रियों का पहला जत्था टीआरसी पहुंचते ही देवभूमि की परंपरा के अनुरूप तीर्थयात्रियों का छोलिया नृत्य, पुष्पवर्षा, फूल-मालाओं और आत्मीय अभिनंदन के साथ भव्य स्वागत किया गया।

उधर बतौर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का चार जुलाई को पांच साल का कार्यकाल पूर्ण कर लिया है। इस कार्यकाल के दौरान धामी सरकार ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देकर विकास को गति प्रदान की है। इस अवसर पर ऋषिकेश में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सीमांत और दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का तीव्रता से विस्तार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य साल 2035 तक उत्तराखंड को पूर्ण रूप से विकसित राज्य बनाना है। उन्होंने कहा कि सरकार मात्र योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि विकास के ठोस परिणाम धरातल पर नजर आ रहे हैं।

ऋषिकेश के आईडीपीएल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत और दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का तेजी से निरंतर विस्तार किया जा रहा है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए पारंपरिक खेती के साथ मधु उत्पादन, आधुनिक बागवानी, सुगंधित पौधों और फूलों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने घर के पास ही रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नई स्टार्टअप नीति, एक जिला-एक उत्पाद योजना, होमस्टे योजना और सौर स्वरोजगार योजना लागू की गई है।

सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है। चारधाम यात्रा लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है और आदि कैलाश यात्रा में भी अब तक 55 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। सीएम धामी ने कहा कि कि राज्य की अर्थव्यवस्था लगातार वृद्धि की ओर अग्रसर हो रही है।

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ले. जनरल (सेनि.) गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा देहरादून जनपद की तकरीबन 290 करोड़ रुपए से अधिक लागत की 40 से अधिक महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। सीएम धामी ने कहा कि यह सभी परियोजनाएं आने वाले समय में देहरादून जनपद की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के साथ विकास को भी नई गति प्रदान करेंगी।

सीएम धामी ने कहा कि समय अब बदल चुका है। अब सरकार की राजनीति का केंद्र सत्ता नहीं, सेवा है, पक्ष नहीं, प्रदर्शन है, और वादे नहीं, बल्कि परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के सपनों को पूरा करना, अपना संकल्प मानकर पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आज वही लोग सरकार के कामकाज पर सवाल उठा रहे हैं, जिन्होंने वर्षों तक उत्तराखंड को राजनीतिक अस्थिरता, भ्रष्टाचार और घोटालों के अतिरिक्त और कुछ नहीं दिया।

सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर लगातार सम्मान प्राप्त हो रहा है। नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य यानि एसडीजी इंडेक्स में राज्य को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। साथ ही, इंडिया इनोवेशन इंडेक्स सहित विभिन्न सूचकांकों में विशेष श्रेणी के हिमालयी राज्यों में उत्तराखंड दूसरे स्थान पर रहा है।

उन्होंने कहा कि लगातार चार वर्षों से उत्तराखंड को मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट चुना जा रहा है। इसके अलावा ऊर्जा, एविएशन, कृषि, पर्यटन, स्टार्टअप, लॉजिस्टिक्स, मत्स्य, निर्यात और खनन सहित कई क्षेत्रों में राज्य नई पहचान बना रहा है। राज्य खनन तत्परता सूचकांक में भी उत्तराखंड को देश में दूसरा स्थान हासिल हुआ है।

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