उत्तराखंड : उत्तराखंड ने विगत वर्ष 38 वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी की थी और उसके खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया था। 28 जनवरी से 24 फरवरी तक चले राष्ट्रीय खेलों में राज्य के खिलाड़ियों का मुक्केबाजी, ताइक्वांडो और एथलेटिक्स में प्रदर्शन काफी अच्छा रहा था। अब इन प्रतिभावान खिलाड़ियों को नौकरी देने की कवायद शुरू हो रही है।
उत्तराखंड की बेटी अंकिता ध्यानी ने 5000 मीटर रेस और 3000 मीटर बाधा दौड़ में पहला स्थान प्राप्त कर दो स्वर्ण पदक हासिल किए। निवेदिता, कपिल और नरेंद्र ने मुक्केबाजी में तीन स्वर्ण पदक जीते। पूजा का ताइक्वांडो में शानदार प्रदर्शन रहा और उसने प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता।
इनके अतिरिक्त राष्ट्रीय खेलों में कुछ अन्य खिलाड़ियों का भी अच्छा प्रदर्शन रहा, परन्तु मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा और खेल नीति में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को सीधे सरकारी नौकरी की व्यवस्था के बावजूद इन पदक विजेता खिलाड़ियों को अब तक नौकरी नहीं मिल सकी है।
अब योजना के अनुरूप 38 वें राष्ट्रीय खेलों में शानदार प्रदर्शन कर 103 पदक जीतकर इतिहास रचने वाले राज्य के 243 खिलाड़ियों को जल्द ही सरकारी नौकरी प्रदान की जाएगी। विशेष प्रमुख सचिव के मुताबिक खिलाड़ियों को नौकरी के लिए कार्मिक विभाग से मंजूरी मिल गई है।
विशेष प्रमुख सचिव खेल के अनुसार, खिलाड़ियों की नौकरी के लिए शासन को जो प्रस्ताव प्रेषित किया गया था उसे कार्मिक विभाग ने मंजूरी दे दी है। इस मंजूरी के पश्चात अब वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। वित्त विभाग से मंजूरी मिलने के बाद राष्ट्रीय खेलों के सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा।
बता दें कि खेल मंत्री रेखा आर्या ने राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेता खिलाड़ियों को सीधे सरकारी नौकरी के लिए कुछ दिन पूर्व मुख्य सचिव को पत्र लिखा था। खेल मंत्री का कहना है कि खिलाड़ियों के लिए सभी पद खेल विभाग में सृजित किए जाएं। प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि सभी 243 पद पुलिस, वन और खेल सहित विभिन्न छह विभागों में सृजित किए जाएं।
