उत्तराखंड : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में नवनिर्मित देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के लिए 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देहरादून आ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के अनुरूप प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना प्रारंभ कर दिया है। आशा रोड़ी से गढ़ी कैंट तक मार्ग को 13 जोन में बांटने के साथ ही जोनल तथा सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती भी की गई है।
गत दिवस जिलाधिकारी देहरादून ने ऋषिपर्णा सभागार में कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा के लिए बैठक की। उन्होंने कार्यक्रम में विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए तैनात जोनल, सेक्टर और नोडल अधिकारियों को समयबद्ध सभी व्यवस्थाएं चाक चौबंद करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के भ्रमण कार्यक्रम में हजारों की संख्या में आम जनमानस के सम्मिलित होने की संभावना है। चिन्हित स्थलों पर बैरीकेडिंग, पेयजल व्यवस्था, यातायात प्रबंधन एवं पार्किंग व्यवस्था, लॉ एंड ऑडर व्यवस्था के साथ साथ स्वच्छता व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। समूचे मार्ग पर सुरक्षा को लेकर चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं।
गढ़ी कैंट स्थित महिंद्रा ग्राउंड में मुख्य कार्यक्रम स्थल पर पंडाल में आमजन के बैठने की व्यवस्था, वाहनों की पार्किंग, पेयजल, सूक्ष्म जलपान और मोबाइल शौचालय जैसी सुविधाएं भी समय रहते की जाएं। इस अवसर पर नगर आयुक्त, मुख्य विकास अधिकारी, एसडीएम सदर, उप जिलाधिकारी एवं परियोजना निदेशक सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
विदित हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को सहारनपुर जिले के गणेशपुर में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे। इसके बाद वह मां डाट काली मंदिर में दर्शन करने के पश्चात कार से ही देहरादून के गढ़ी कैंट स्थित जनसभा स्थल महिंद्रा ग्राउंड तक पहुचेंगे। इसके लिए प्रशासन ने आशा रोड़ी से लेकर गढ़ी कैंट तक सड़क मार्ग के पास कई जगह चिह्नित की हैं जहां सांस्कृतिक दलों की ओर से लोक संस्कृति और परंपराओं पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की झलक भी प्रधानमंत्री देख पाएंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दून दौरे के लिए तैयारियां अपने अंतिम चरण की ओर अग्रसर हैं। एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के बाद प्रधानमंत्री एलिवेटेड रोड से ही कार से मां डाट काली मंदिर तक आएंगे। इसके लिए एलिवेटेड रोड पर वन विभाग ने अपने 20 कर्मचारी तैनात किए हैं जो मधुमक्खी के छत्ते हटाने के साथ ही लगातार कॉबिंग भी करेंगे।
वन क्षेत्र होने से इस मार्ग पर बंदरों की संख्या अधिक है और अक्सर बंदर सड़क पर भी उछल – कूद मचाते रहते हैं। एनएचएआई के पत्र के बाद अब वन विभाग ने भी इसको लेकर भी तैयारी शुरू कर दी है। एलिवेटेड रोड से पीएम मोदी का काफिला गुजरने के दौरान कोई बाधा न आए इसके लिए भी तमाम तरह की व्यवस्थाएं अमल में लाई जा रही हैं।
