उत्तराखंड : नैशनल एसोसिएशन फॉर पेरेंट्स एंड स्टूडेंट्स राइट्स यानि एनएपीएसआर के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरिफ खान ने उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के डालनवाला स्थित समर वैली स्कूल के तथाकथित यौन शोषण के आरोपी शिक्षक, उसका साथ देने वाली प्रिंसिपल, शिक्षिकाओं व छात्रा के साथ अभद्र एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग कर उसे धमकाने वाले स्कूल संचालक अशोक वासु पर पॉक्सो एक्ट एवं सम्बंधित धाराओं में नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
एनएपीएसआर ने समर वैली स्कूल में छात्राओं के साथ हुए यौन शोषण के मामले में उत्तराखंड राज्य बाल आयोग, उत्तराखंड महिला आयोग एवं मुख्य शिक्षा अधिकारी को शिकायती पत्र लिखकर आरोपियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कानूनी कार्यवाही की मांग की है।
संस्था के अध्यक्ष आरिफ खान ने पत्र के माध्यम से अवगत कराया है कि मीडिया व सोशल मीडिया के माध्यम से देहरादून के एक प्रतिष्ठित स्कूल समर वैली के फिजिक्स के शिक्षक द्वारा कक्षा 11वीं की एक छात्रा के साथ यौन शोषण का मामला प्रकाश मे आया है। पीड़ित लड़की व उसकी माता ने साहस दिखाते हुए सार्वजनिक तौर पर डालनवाला स्थित इस स्कूल के शिक्षक पर यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है।

आरोप मे कहा गया है कि न सिर्फ पीड़ित बालिका बल्कि अन्य बालिकाओं का भी उक्त शिक्षक यौन उत्पीड़न करता आ रहा है। इस मामले की शिकायत जब स्कूल प्रिंसिपल से की गई तो उन्होंने व अन्य शिक्षिकाओं ने पीड़ित बालिका को चुप रहने की सलाह दी। यह मामला स्कूल संचालक अशोक वासु के संज्ञान में आया तो उन्होंने आरोपी शिक्षक को स्कूल से निकालने व उस पर कानूनी कार्यवाही करने के स्थान पर पीड़ित बच्ची के साथ ही अभद्र व अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया।
यही नही बल्कि पीड़ित बच्ची पर मुंह बंद रखने हेतु दबाव बनाने के लिए उन्होंने अपने रसूख का भी इस्तेमाल किया। इससे प्रतीत होता है कि समर वैली स्कूल द्वारा आरोपी शिक्षक व अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए पीड़ित बच्ची को हर प्रकार से डराने – धमकाने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में भविष्य में भी उस बच्ची के साथ किसी अनहोनी से इन्कार नही किया जा सकता।
आरिफ खान के अनुसार, समर वैली स्कूल का यह कोई पहला कारनामा नहीं है। पूर्व मे भी बाल आयोग द्वारा अनेक मामलों मे समर वैली स्कूल को नोटिस दिए जा चुके हैं और उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही अमल मे लाए जाने का प्रयास किया गया। किंतु अपनी ऊंची पहुंच और रसूख के कारण इस स्कूल पर विवादों मे होने के बावजूद भी आज तक कोई ठोस कार्रवाई नही हो पाई, जिसका परिणाम आज सबके सामने है।
उन्होंने कहा कि आज भी यदि समर वैली स्कूल व इसके संचालक व आरोपी शिक्षक, उसको बचाने में उसका साथ देकर पीड़ित बच्ची को मुंह बंद रखने के लिए दबाव बनाने वाली शिक्षिकाओं के विरुद्ध नियमानुसार ठोस कानूनी कार्यवाही नही की गई तो आगे भविष्य में किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता।
ऐसी परिस्थितियों में नेशनल एसोसिएशन फॉर पेरेंट्स एंड स्टूडेंट्स राइट्स ने संबंधित विभागों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रहे इस प्रकरण का स्वतः संज्ञान लेते हुए व एनएपीएसआर के इस शिकायती पत्र के माध्यम से आरोपी शिक्षक, उसका साथ देकर उसे बचाने वाली प्रिंसिपल, शिक्षिका व पीड़ित बच्ची के साथ अपशब्द व अभद्र भाषा का प्रयोग करने वाले स्कूल संचालक अशोक वासु पर नियमानुसार पॉक्सो एक्ट व अन्य सम्बंधित धाराओं मे मुकदमा कायम किया जाए।
साथ ही इस स्कूल में पढ़ने वाली अन्य छात्राओं से भी जानकारी एकत्रित की जाए और एक जांच कमेटी का गठन किया जाए, जो स्कूल की इस घटना की निष्पक्ष जांच करे और सुनिश्चित करे कि भविष्य मे इस प्रकार की आपराधिक घटना किसी अन्य छात्र/छात्रा के साथ घटित न होने पाए।