उत्तराखंड : उत्तराखंड में प्राथमिक शिक्षा विभाग के तहत कई जिलों में बेसिक शिक्षकों के रिक्त पदों पर शीघ्र ही भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ की जायेगी। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
इसके साथ ही शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को राजकीय इण्टर कॉलेज में प्रधानाचार्यों के रिक्त पदों पर पदोन्नति प्रक्रिया को भी शीघ्र पूरा करने के निर्देश जारी किए हैं। विद्यालय शिक्षा मंत्री ने शनिवार को शासकीय आवास पर विद्यालय शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की।
बैठक के दौरान मंत्री ने प्राथमिक शिक्षा विभाग में बेसिक शिक्षकों के खाली पदों को भरने के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कई जिलों में बेसिक शिक्षकों के तकरीबन 400 से अधिक पद रिक्त हैं, जिन पर भर्ती प्रक्रिया शीघ्र ही प्रारंभ की जायेगी। इस प्रक्रिया से विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को दूर किया जा सकेगा।
विभागीय मंत्री ने शिक्षकों के समायोजन के निर्देश देते हुए कहा कि कई विद्यालयों में छात्र संख्या कम हैं, लेकिन वहा जरूरत से ज्यादा शिक्षकों की तैनाती है। ऐसे में आवश्यकता इन विद्यालयों के शिक्षकों को उन स्कूलों में भेजे जाने की है, जहां पर छात्र संख्या तो अधिक है परंतु पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं।
बैठक में मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को राजकीय इण्टर काॅलेज में प्रधानाचार्यों के खाली पदों पर पदोन्नति प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि रिक्त पदों पर प्रधानाचार्यों की शीघ्र तैनाती की जा जाए जिससे विद्यालयों में शैक्षणिक व प्रशासनिक गतिविधियां को और अधिक बेहतर हो सकें। इसके अलावा, मंत्री ने कई विभागीय योजनाओं की समीक्षा कर के अधिकारियों को भूमि-पूजन, उद्घाटन, शिलान्यास एवं लोकार्पण करने के लिए भी निर्देशित किया।
बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में ब्लाॅक स्तर पर एक-एक विद्यालय में खेल मैदान का निर्माण कराया जायेगा। इस कार्य के लिए भूमि शिक्षा विभाग अपने विद्यालय परिसरों में से उपलब्ध कराएगा।
इसके लिए जल्द ही खेल एवं युवा कल्याण विभाग के साथ एक करार कर लिया जायेगा। इसके लिए एसओपी तैयार करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिए जा चुके हैं। बता दें कि इससे पूर्व विभागीय मंत्री की पहल पर प्रादेशिक खेलों के लिए युवा कल्याण विभाग तथा शिक्षा विभाग का वार्षिक खेल कैलेंडर लागू किया जा चुका है।
वहीं दूसरी ओर शनिवार को ही प्रदेश की देहरादून में प्रदेश भर से भारी संख्या में आए प्राथमिक शिक्षकों ने अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास कूच किया। शनिवार सवेरे राज्य के विभिन्न जिलों से देहरादून पहुंचे प्राथमिक शिक्षक परेड ग्राउंड में एकत्रित हुए। वहां उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों द्वारा शिक्षकों को संबोधित करते हुए अपनी मांगों को लेकर एकजुट होने का आह्वान किया गया।
सभा के बाद शिक्षकों ने रैली निकाल कर विधानसभा की ओर कूच किया। इस दौरान परेड ग्राउंड के आसपास काफी देर तक यातायात बाधित रहा। आंदोलनरत प्राथमिक शिक्षकों के न्यू कैंट रोड पहुंचते ही पुलिस द्वारा उन्हें बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया गया। इससे आक्रोशित प्रदर्शनकारी सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर प्राथमिक शिक्षक संघ चमोली के जिलाध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश के नौनिहालों के भविष्य के निर्माण के लिए दिन-रात मेहनत करने वाले शिक्षक आज अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरने को विवश हो गए हैं। उन्होंने सरकार पर कर्मचारियों की आवाज को दबाने व नजरअंदाज करने का आरोप भी लगाया।
इस दौरान कार्यक्रम संयोजक ने कहा कि कर्मचारी सरकार की मशीनरी का अहम हिस्सा होते हैं, जो सरकारी योजनाओं को धरातल तक उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। इसके बावजूद कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक वर्ग की आवाज सुनी जानी चाहिए, तभी एक स्वस्थ और सफल लोकतंत्र की कल्पना करना संभव है।