उत्तराखंड : उत्तराखंड में चारधाम यात्रा अप्रैल माह से प्रारंभ हो रही है।देश और दुनिया से केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री तथा यमुनोत्री धाम की यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों का स्वागत करने के लिए उत्तराखंड तैयार है।

प्रदेश सरकार ने श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न होने पाए इसके लिए व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया है। अब तक यात्रा के लिए 17 लाख से अधिक तीर्थयात्री ऑनलाइन पंजीकरण करा चुके हैं। सरकार को उम्मीद है कि इस बार भी चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों का रिकॉर्ड बनेगा। इस बार दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की अधिकतम संख्या का निर्धारण नहीं रहेगा और विशेष पूजा कराने के लिए शुल्क की बढ़ी हुई दरें लागू होंगी।

सरकार ने इस बार चारधाम में प्रतिदिन दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की अधिकतम संख्या की व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। बीते वर्ष धामों में भीड़ नियंत्रण के लिए धारण क्षमता के आधार पर अधिकतम संख्या तय की गई थी। परंतु सरकार ने इस बार यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं को दर्शन करवाने का प्लान बनाया हुआ है।

चारधाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने अपनी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। इस बार खास बात यह है कि यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों को व्यवस्थाओं में कई बदलाव देखने को मिलेंगे। यात्रा का आगाज 19 अप्रैल को गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने से किया जाएगा। उसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ और 23 अप्रैल को बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुलने के उपरांत चारधाम यात्रा का संचालन पूर्ण रूप से प्रारंभ हो जाएगा।

बदरी-केदार मंदिर समिति ने धामों की पवित्रता और दर्शन करने के बाद मंदिर परिसर में लगने वाली भीड़ को देखते हुए मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। बदरीनाथ और केदारनाथ मंदिर में यह व्यवस्था लागू रहेगी। दोनों मंदिर में दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं को फोन ले जाने की अनुमति नहीं मिलेगी। इसके अलावा मंदिर परिसर में रील बनाने, वीडियोग्राफी करने पर भी रोक लगाई गई है। मोबाइल जमा करवाने के लिए बीकेटीसी की ओर से क्लॉक रूम की सुविधा प्रदान की जाएगी।

इस बार बीकेटीसी ने बदरीनाथ व केदारनाथ धाम में विशेष पूजा शुल्क में इजाफा किया है। अब बदरीनाथ धाम में श्रीमद्भागवत कथा कराने के लिए एक लाख रुपये का शुल्क लिया जाएगा। जबकि केदारनाथ धाम में दिन भर की पूजा के लिए 51 हजार रुपए शुल्क अदा करना पड़ेगा। इसके अलावा भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष पूजाएं रात के समय कराई जाएंगी और दिन के समय श्रद्धालुओं को सामान्य दर्शन कराए जाएंगे।

विदित हो कि चारधाम यात्रा राज्य की अर्थव्यवस्था व रोजगार के लिए रीढ़ के समान है। राज्य में यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए उत्तराखंड तैयार है। यहां आने वाले यात्रियों को सुविधाजनक, सुरक्षित और सुगम यात्रा करवाना सरकार की प्राथमिकता है। सरकार का प्रयास है कि यात्रा में तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधा मिले, जिससे वापस जाने पर वह देवभूमि के प्रति एक अच्छा संदेश लेकर जाएं

वहीं, पिथौरागढ़ जिले के धारचूला में आदि कैलाश यात्रा की तैयारियों को लेकर एसडीएम ने विभागीय अधिकारियों, टैक्सी यूनियन और होम स्टे संचालकों के साथ बैठक की।

एसडीएम ने ग्राम गुंजी में पेयजल समस्या को देखते हुए सड़क निर्माण कंपनी को यात्रा के दौरान प्रतिदिन टैंकर से पानी वितरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल निगम के अधिकारियों को पंपिंग योजना से शीघ्र पानी सुचारु करने और बीआरओ को यात्रा के दौरान सड़क को सुचारु रखने के लिए निर्देशित किया।

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