चंडीगढ़ : चंडीगढ़ में अब असम टेनेंसी एक्ट-2021 लागू किया जाएगा और इसके साथ ही  ईस्ट पंजाब अर्बन रेंट रेस्ट्रिक्शन एक्ट-1949 समाप्त कर दिया जाएगा। यूटी प्रशासन ने अब प्रत्येक मकान मालिक और किरायेदार को प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया है।

चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा केंद्र सरकार के निर्देशानुसार शहर में एक साथ पांच नए कानून लागू कर दिए गए हैं। 6 मई से लागू इन कानूनों के लागू किए जाने के पश्चात अब किरायेदारी व्यवस्था, जमीन रिकॉर्ड , फायर सेफ्टी, स्टांप ड्यूटी और इमिग्रेशन कारोबार से जुड़े नियम पूरी तरह परिवर्तित हो जाएंगे। मुख्य सचिव द्वारा इन कानूनों में बदलाव किए जाने की जानकारी प्रदान की गई।

प्रशासन ने पंजाब इंडियन स्टांप (संशोधन) अधिनियम-2001 व 2003, पंजाब आबादी देह (रिकॉर्ड ऑफ राइट्स) अधिनियम-2021, पंजाब प्रिवेंशन ऑफ ह्यूमन स्मगलिंग एक्ट-2012 व संशोधन अधिनियम-2014, हरियाणा फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज एक्ट-2022 और असम टेनेंसी एक्ट-2021 को चंडीगढ़ में लागू कर दिया है। इनमें से तीन कानून पंजाब से, एक हरियाणा से और एक रेंट कंट्रोल व्यवस्था के तहत असम टेनेंसी एक्ट से लागू किया गया है।

चंडीगढ़ में अब असम टेनेंसी एक्ट-2021 लागू हो जाएगा और इसके साथ ही ईस्ट पंजाब अर्बन रेंट रेस्ट्रिक्शन एक्ट-1949 समाप्त हो जाएगा। यूटी प्रशासन के मुताबिक अब प्रत्येक मकान मालिक और किरायेदार को प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर पंजीकरण कराना अनिवार्य किया गया है। यह पोर्टल आगामी एक महीने में शुरू कर दिया जाएगा। तब तक लोग फिजिकल दस्तावेज जमा करा कर पंजीकरण करा सकेंगे।

रेंट विवादों के निपटारे के लिए रेंट कंट्रोल अथॉरिटी और ट्रिब्यूनल का गठन किया जाएगा तथा इन मामलों की सुनवाई जिला स्तर के जज करेंगे। प्रशासन का कहना है कि अब मकान मालिक मनमाने तरीके से किराया नहीं बढ़ा सकेंगे और किराया संबंधी विवादों का निपटारा 60 दिनों के अंदर किया जाएगा। अवैध कब्जों के मामलों में मकान मालिकों को राहत प्रदान की जाएगी।

प्रशासन ने पंजाब प्रिवेंशन ऑफ ह्यूमन स्मगलिंग एक्ट-2012 और संशोधन अधिनियम-2014 भी लागू कर दिया है। इसके तहत बिना रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस के इमिग्रेशन ऑफिस या ट्रैवल एजेंट चलाने वालों को तीन से सात साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है। साथ ही दोष सिद्ध हो जाने पर संबंधित एजेंसी या ट्रैवल एजेंट की संपत्ति भी अटैच कर ली जाएगी। सभी ट्रैवल एजेंटों और इमिग्रेशन कंपनियों के लिए अपने स्टाफ की पुलिस वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। प्रशासन का मानना है कि इससे विदेश भेजने के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी के मामलों पर लगाम कसी जा सकेगी।

पंजाब इंडियन स्टांप संशोधन अधिनियम लागू होने के पश्चात अब प्रॉपर्टी खरीद-फरोख्त में अंडर वैल्यूएशन पर सख्ती की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति संपत्ति की वास्तविक कीमत छिपाकर कम स्टांप ड्यूटी भरता है तो उस पर संपत्ति मूल्य का तीन प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है। प्रशासन के अनुसार इससे राजस्व चोरी पर तो रोक लगेगी ही साथ ही संपत्ति रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी बने जाएगी।

पंजाब आबादी देह यानि रिकॉर्ड ऑफ राइट्स अधिनियम-2021 लागू किए जाने के बाद अब गांवों की आबादी देह वाली जमीनों का रिकॉर्ड लोगों के नाम से तैयार किया जाएगा। अभी तक ये जमीनें सिर्फ खसरा नंबरों के आधार पर दर्ज थीं। इसके लिए प्रशासन गांवों में पायलट आधार पर नक्शा प्रोजेक्ट चला रहा है। इसके तहत प्रत्येक संपत्ति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि इससे भविष्य में जमीन संबंधी विवाद सीमित होने की संभावना है।

हरियाणा फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज एक्ट-2022 लागू किए जाने के बाद अब उद्योगों, संस्थानों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों तथा अन्य संस्थाओं को मिलने वाला फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट पांच वर्ष तक वैध बना रहेगा। प्रशासन के मुताबिक अब फायर सेफ्टी अप्रूवल टाइम-बाउंड तरीके से जारी किए जाएंगे और साथ ही आधुनिक फायर सेफ्टी उपकरणों की स्थापना को भी मंजूरी प्रदान की जाएगी। यह सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने के साथ प्रक्रिया को आसान बनाने में भी मददगार साबित होगा।

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