उत्तराखंड : देश में दिन-ब-दिन पारा चढ़ता जा रहा है और गर्मी अपने प्रचण्ड तेवर दिखा रही है। लू के थपेड़ों ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।उत्तराखंड मौसम विभाग ने भी आने वाले दिनों में कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना व्यक्त की है। बढ़ती तपिश के मद्देनजर प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है और सभी जिलों को जरूरी एहतियात बरतने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तराखंड में आने वाले दिनों में कुछ जिलों का तापमान 40 डिग्री तक पहुंचने के आसार जताए हैं। इसकी देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने जिलों को एडवाइजरी जारी कर सचेत रहने के निर्देश जारी किए हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र द्वारा सभी जनपदों को निर्देशित किया गया है कि अत्यधिक गर्मी के प्रभाव को देखते हुए आमजन को दोपहर में घरों से बाहर न निकलने तथा अन्य जरूरी एहतियातन कदम उठाने के प्रति जागरूक किए जाने का प्रयास किया जाए।
स्वास्थ्य विभाग को हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन व गर्मी जनित बीमारियों से निपटने हेतु अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देशित किया गया है। इसके साथ ही पेयजल आपूर्ति एवं विद्युत व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने, विद्यालयों, निर्माण स्थलों एवं बाहरी कार्यों में लगे श्रमिकों के लिए आवश्यक एहतियाती उपाय सुनिश्चित करने तथा बच्चों, बुजुर्गों एवं बीमार व्यक्तियों जैसे संवेदनशील वर्गों के लिए विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
देहरादून शहर में पड़ रही अत्यधिक गर्मी के बीच अधिवक्ताओं को बड़ी राहत प्रदान की गई है। अब अधिवक्ता बिना कोट पहने भी न्यायालय में उपस्थित होकर पैरवी कर सकेंगे और यह व्यवस्था मंगलवार 19 मई से लागू कर दी गई है। जिला न्यायालय परिसर में भी अधिवक्ता बिना कोट पहने आवाजाही कर सकेंगे। बता दें कि बार एसोसिएशन देहरादून के पदाधिकारियों ने जिला जज से मिलकर इसकी मांग रखी गई थी। बार एसोसिएशन के अनुसार लगातार बढ़ते तापमान और उमस की वजह से अधिवक्ताओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
इस समस्या को लेकर बार एसोसिएशन देहरादून के पदाधिकारियों ने जिला जज से मिल कर अधिवक्ताओं को गर्मी के दौरान कोट पहनने से छूट देने की मांग की थी। बार पदाधिकारियों का कहना था कि भीषण गर्मी में काला कोट पहनकर लंबे समय तक कोर्ट में कार्य करना स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डाल रहा है। बार एसोसिएशन की मांग पर जिला जज ने अधिवक्ताओं को राहत प्रदान की है। आदेश के अनुसार, अब अधिवक्ता निर्धारित ड्रेस कोड के अन्य नियमों का पालन करते हुए बिना काला कोट पहने अदालत में उपस्थित रह सकेंगे। अधिवक्ताओं ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे मानवीय और व्यावहारिक फैसला बताया है।
मई की शुरुआत उत्तराखंड में भले ही बारिश, बर्फबारी और तेज तूफान के साथ हुई हो लेकिन बीते कुछ दिनों से गर्मी खूब रंग दिखा रही है। मैदान से लेकर पहाड़ तक दिन-ब-दिन पारा चढ़ने से गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी को दोगुना कर दिया। आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो सोमवार को राज्य के कुछ जिलों का तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के करीब तक पहुंच गया। चिलचिलाती धूप और गर्म हवा के थपेड़ों ने लोगों का घर से निकलना मुहाल कर दिया है।
दोपहर के समय बाजारों में भी ग्राहकों की संख्या में गिरावट देखने को मिल रही है। राजधानी देहरादून में दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री अधिक 38.8 डिग्री के आसपास रहा और रात का न्यूनतम तापमान भी सामान्य से एक डिग्री अधिक 22.5 डिग्री के करीब दर्ज किया गया। दिन भर चटक धूप खिलने का असर पर्वतीय इलाकों में भी देखने को मिला। पर्वतीय क्षेत्र मुक्तेश्वर में भी दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री ज्यादा रिकॉर्ड किया गया है।
मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के मुताबिक 19 मई को भी प्रदेश भर में मौसम शुष्क बना रहेगा। हालांकि 20 से 24 मई तक प्रदेश के पर्वतीय जिलों के कुछ हिस्सों में मौसम बदलने के आसार जाते जा रहे हैं, हालांकि मैदानी इलाकों में इसका कुछ ज्यादा असर पड़ने का अनुमान नहीं है।
उत्तराखंड के पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में भी गर्मी अपना प्रचंड स्वरूप दिखा रही है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में यहां के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री से ऊपर जा सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले एक सप्ताह तक प्रदेश के दक्षिणी और मध्य हिस्से में लू की स्थिति यथावत बनी रहेगी। वहीं पश्चिमी इलाकों में रातें सामान्य से ज्यादा गर्म होने का अनुमान है।
