उत्तराखंड : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एसटीएफ ने एक ऐसे रैकेट के सदस्य को गिरफ्तार किया है, जिसने तीन माह पूर्व कर्मचारी चयन आयोग यानि एसएससी की भर्ती परीक्षा के दौरान देहरादून के एक ऑनलाइन परीक्षा केंद्र पर उम्मीदवारों को अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करके नकल कराने में मदद की थी। इस रैकेट का भंडाफोड़ वर्तमान वर्ष में 13 फरवरी को एसएससी द्वारा बहु-कार्य (गैर-तकनीकी) स्टाफ और हवलदार पदों के लिए आयोजित की गई ऑनलाइन परीक्षा के दौरान किया गया था।

उत्तराखंड एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने शनिवार को खुलासा किया कि खुफिया सूचनाओं की एक श्रृंखला के आधार पर उनकी टीम ने आरोपी ईश्वरी प्रसाद उर्फ इंद्रजीत शर्मा और इंदर को देहरादून के नेहरू ग्राम स्थित सेंट जॉन अकादमी से गिरफ्तार कर लिया।

एसएसपी एसटीएफ ने बताया कि दिल्ली के निहाल विहार निवासी ईश्वरी प्रसाद के पास से नकल कराने में प्रयुक्त किया गया एक लैपटॉप, चार मोबाइल फोन, दो इंटरनेट राउटर, 14 मिनी ब्लूटूथ डिवाइस और रिसीवर, एक सिम बॉक्स, 20 बैटरी के साथ अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और फर्जी पहचान पत्र बरामद हुए हैं। वह सेंट जॉन अकादमी की प्रयोगशाला में इन उपकरणों को स्थापित करने की फिराक में था।

यह भी बताया गया कि 13 फरवरी को कथित तौर पर ईश्वरी प्रसाद द्वारा ही एमकेपी परीक्षा केंद्र पर नकल कराने के लिए सर्वर रूम, परीक्षा प्रयोगशाला और एक भूमिगत कक्ष तैयार किया गया था। विदित हो कि अब तक एसटीएफ ने ईश्वरी प्रसाद समेत इस गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

आरोपियों की गिरफ्तारी के पश्चात सेंट जॉन अकादमी परीक्षा केंद्र को सील कर दिया गया है। इस केंद्र को आगामी 18 मई को होने वाली एसएससी कांस्टेबल (जीडी) ऑनलाइन परीक्षा के लिए निर्धारित किया गया था।

एसएसपी ने यह भी बताया कि गिरफ्तार किया गया आरोपी गत वर्ष नवंबर 2025 में एसएससी द्वारा आयोजित प्रथम श्रेणी की मल्टी-टास्किंग स्टाफ और क्लर्क स्टाफ परीक्षाओं में हुई नकल की घटनाओं के संबंध में भी वांछित संदिग्ध था। आरोपी से पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई है कि सेंट जॉन अकादमी के अतिरिक्त कुछ अन्य स्थानों पर भी सर्वर प्रभावित किए गए थे।

उन्होंने बताया कि सेंट जॉन अकादमी को दो दिन बाद, 18 मई को होने वाली एसएससी परीक्षा के लिए भी परीक्षा केंद्र के रूप में नामित किया गया है, इस मामले की सूचना एसएससी द्वारा क्षेत्रीय निदेशक को प्रेषित कर दी गई है।

बता दें कि गिरफ्तार किए गए आरोपी ने दिल्ली की अलग-अलग दुकानों में इलैक्ट्रीकल और नेटवर्किंग का काम सीखा। वह दिल्ली में ही स्कूलों, कॉलेज व दुकानों में इलैक्ट्रीकल और नेटवर्किंग से सम्बन्धित कामों का ठेका लेता था। वह इस मामले में एसटीएस द्वारा पहले गिरफ्तार किए जा चुके नितिश कुमार के साथ मिलकर काम करता था। इसी दौरान कोरोनाकाल में आरोपी की मुलाकात योगेश उर्फ योगी उर्फ इंद्रजीत उर्फ जैक नाम के व्यक्ति से हुई जिसका उसने  लैब बनाने का कार्य किया था।

मुकदमे की संवेदनशीलता और तकनीकी जांच के मद्देनजर इस मुकदमे की विवेचना एसटीएफ द्वारा की जा रही है। एसटीएफ टीम की ओर से मुकदमे की विवेचना के दौरान कड़ी से कड़ी जोड़ी गई और परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह के सदस्य ईश्वरी प्रसाद सहित कई अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

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