उत्तराखंड : उत्तराखंड के कर्णप्रयाग और रुद्रप्रयाग में हुए के हंगामे के बाद निहंगों के राजधानी देहरादून की तरफ कूच करने और कुल्हाल बैरियर तोड़कर आगे बढ़ने की सूचना से बृहस्पतिवार को देहरादून में भारी तनाव की स्थिति बनी रही। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस महकमा हाई अलर्ट पर आ गया। डीएम, एसएसपी सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और भारी संख्या में पुलिस बल प्रेमनगर क्षेत्र में तैनात रहा।

सूचना मिली कि निहंगों का एक जत्था कुल्हाल बैरियर पार कर देहरादून की ओर बढ़ रहा है। इस सूचना के फैलते ही प्रेमनगर, सेलाकुई और आसपास के क्षेत्रों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। पुलिस प्रशासन द्वारा तत्काल प्रेमनगर क्षेत्र और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी और प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया।

बैरिकेडिंग लगाकर वाहनों की जांच प्रारंभ कर दी गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की और स्थिति का जायजा लिया। बैठक में अधिकारियों ने निहंगों के संभावित मार्गों और उनके ठहराव स्थलों की जानकारी प्राप्त की। प्राप्त जानकारी के मुताबिक पुलिस टीमों को अलग-अलग क्षेत्रों में भेजा गया और खुफिया तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया।

विदित हो कि बीते दिनों कर्णप्रयाग में निहंगों और स्थानीय लोगों के बीच हुई मारपीट प्रकरण के पश्चात रुद्रप्रयाग के नगरासू गुरुद्वारे में निहंगों ने विवाद खड़ा कर दिया था। चार दिन तक निहंग गुरुद्वारे की छत पर डटे रहे और सेवादारों को भी बंधक बना रखा था। कार्रवाई की मांग को लेकर गुरुवार को निहंगों का जत्था उत्तराखंड की राजधानी देहरादून कूच के लिए निकला था।

निहंगों की एंट्री से राजधानी देहरादून में हड़कंप मच गया। उत्तराखंड की सीमाओं पर पुलिस निगहबानी करती रही, लेकिन सुरक्षा इंतजामों को चकमा देकर निहंगों का जत्था शहर में दाखिल हो गया। उन्हें कुल्हाल बॉर्डर के अलावा प्रेमनगर में भी रोकने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे, बावजूद इसके जत्था पटेलनगर थाना क्षेत्र तक पहुंच गया। पूरे घटनाक्रम में पुलिस और इंटेलिजेंस की कमियां सामने आई हैं, जिससे पुलिस-प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

पुलिस-प्रशासन का फोकस प्रमुख रूप से सीमावर्ती मार्गों पर रहा। लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को धता बताकर निहंग शहर तक कैसे पहुंच गए, यह बड़ा सवाल बन गया है। सूत्रों के मुताबिक, उनका जत्था वैकल्पिक मार्गों से होते हुए देहरादून में दाखिल हुआ और पटेलनगर थाना क्षेत्र तक पहुंचा। पुलिस को इसकी सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस सक्रिय हुई और बातचीत के पश्चात उन्हें शहर से वापस भेजा गया।

देहरादून में सीमा पर चौकसी के बावजूद जत्थे के शहर तक पहुंचने से स्थानीय लोगों में भी चिंता नजर आई। एसएसपी के मुताबिक निहंगों को वापस भेज दिया गया है और इसके बाद राज्य और शहर में शांति व्यवस्था कायम है। पुलिस प्रत्येक संदिग्ध गतिविधि और व्यक्ति पर नजर बनाए हुए है।

उत्तराखंड में चमोली जिले के कर्णप्रयाग में निहंग सिखों और स्थानीय लोगों के विवाद के बाद तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। चंडीगढ़ से हिमाचल के रास्ते उत्तराखंड के लिए कूच कर रहे तकरीबन 200 निहंगों को पुलिस-प्रशासन ने कुल्हाल चेक पोस्ट पर बैरियर लगाकर रोक दिया था।

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