नई दिल्ली : दिल्ली सरकार ने गोदाम से सीधे सिलिंडर बेचने पर पूरी तरह रोक लगाते हुए इसे अब अवैध करार दिया है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की तरफ से सभी वितरकों को इस विषय में सख्त निर्देश जारी कर दिए गए हैं। 

दिल्ली सरकार ने पांच किलो एलपीजी सिलिंडरों की उपलब्धता बढ़ाकर आम लोगों को बड़ी राहत प्रदान की है। अब ये छोटे सिलिंडर सिर्फ पहचान पत्र दिखाकर आसानी से मिल जाया करेंगे, और इसके लिए पते के सत्यापन की आवश्यकता नहीं होगी। इससे दिल्ली में निवास कर रहे प्रवासी मजदूरों, किरायेदारों और छोटे परिवारों को लाभ मिलेगा। साथ ही राजधानी दिल्ली में गोदाम से सीधे सिलिंडर बेचना पूर्ण रूप से अवैध घोषित कर दिया गया है।

सरकार ने पूरे शहर में पांच किलो एलपीजी सिलिंडरों की उपलब्धता बढ़ा दी है। इस कदम से उन लोगों तक भी रसोई गैस उपलब्ध हो पाएगी, जो अभी तक इस व्यवस्था से वंचित थे। सरकार के इस कदम से खासकर प्रवासी मजदूरों और अस्थायी रूप से रहने वाले लोगों को बड़ी सुविधा मिल जाएगी, जिन्हें पहले गैस कनेक्शन लेने में कठिनाई पेश आती थी। प्रवासी श्रमिकों की सहायता के लिए एचपीसीएल के चुनिंदा आउटलेट्स पर 10 से अधिक हेल्प डेस्क बनाए गए हैं, जहां से लोगों को नजदीकी गैस एजेंसी और सिलेंडर लेने की पूरी जानकारी प्रदान की जा रही है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि गोदाम से सीधे सिलिंडर बेचना पूरी तरह अवैध होगा। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने भी सभी वितरकों को इस बारे में सख्त निर्देश दे दिए हैं। अगर कोई इस नियम का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

दिल्ली सरकार के मुताबिक दिल्ली में एलपीजी सप्लाई पूरी तरह से नियंत्रण में है। सरकार की ओर से जारी किए गए 4 अप्रैल के आंकड़े के अनुसार, इस दिन 1,14,678 बुकिंग हुई और 1,31,336 सिलिंडर डिलीवर किए गए। डिलीवरी की संख्या बुकिंग से अधिक  रही, जिससे स्पष्ट है कि पुरानी मांग भी तेजी से पूरी की जा रही है। वर्तमान में औसतन 4.25 दिन में सिलिंडर घर पहुंच रहा है और साथ ही शिकायतों के लिए कंट्रोल रूम भी चालू कर दिया गया है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और एजेंसियों पर भीड़ न लगाएं। सभी सिलिंडर समय पर घर तक पहुंचाए जा रहे हैं। सरकार ने लोगों से अफवाहों से बचने और व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखने की अपील भी की है।

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