नई दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सीमा में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर वाहनों की गति सीमा पहले से कम कर दी गई है। अब इसपर कार अधिकतम 70 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ेगी और बस, ट्रक सहित सभी भारी वाहनों के लिए गति सीमा 60 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है।
बता दें कि इस एक्सप्रेस वे पर दुर्घटना की आशंका को कम करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। एक्सप्रेसवे पर लगे स्पीड रडार में नई गति सीमा को अपडेट कर दिया गया है। यदि अब इस पर पुरानी गति सीमा से वाहन चलाया तो चालान कट जाएगा।
दिल्ली की सीमा में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे अक्षरधाम मंदिर से प्रारंभ होकर लोनी बॉर्डर तक 14.75 किलोमीटर लंबा है। वर्तमान वर्ष में 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका लोकार्पण किया था। उस समय दिल्ली की सीमा में गांधी नगर से लेकर लोनी बॉर्डर तक इसके 6.5 किलोमीटर के एलिवेटेड खंड पर स्पीड लिमिट के वाहनों में सम्मिलित दोपहिया वाहन और ई-रिक्शा आदि को प्रतिबंधित कर दिया गया था।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानि एनएचएआई ने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस से बाकी वाहनों की स्पीड लिमिट को लेकर सुझाव मांगा था। उस वक्त इस पर निर्णय नहीं होने के चलते एनएचएआई ने एक्सप्रेसवे पर उसकी डिजाइन स्पीड के अनुसार वाहनों का परिचालन लागू कर दिया था। कार के लिए 100 और भारी वाहनों के लिए 80 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड लिमिट तय की गई थी। शास्त्री पार्क के पास तीव्र मोड़ वाले स्थानों पर स्पीड लिमिट 85 और 65 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई थी।
अब दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एनएचएआई को इस एक्सप्रेसवे पर कार के लिए स्पीड लिमिट घटाकर 70 ओर भारी वाहनों के लिए 60 किलोमीटर प्रति घंटा करने की संस्तुति प्रस्तुत की है। एनएचएआई के अनुसार, इस संस्तुति को स्वीकृत करते हुए नई गति सीमा लागू करने के साथ एक्सप्रेसवे पर लगे बोर्डों पर नई स्पीड लिमिट लिखवाने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
विदित हो कि एनएचएआई द्वारा भारत माला प्रोजेक्ट के अंतर्गत राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से देहरादून तक बनाए गए इस 6 लेन के एक्सप्रेसवे की लंबाई 213 किलोमीटर है। दिल्ली में यह एक्सप्रेसवे अक्षरधाम मंदिर के समीप एनएच-9 से प्रारंभ होकर शकरपुर ललिता पार्क, रमेश पार्क, गीता कॉलोनी, गांधी नगर, शास्त्री पार्क, खजूरी चौक, आरएएफ कैंप, लोनी बॉर्डर होते हुए देहरादून तक जाता है।
गीता कॉलोनी से राजधानी की सीमा में इसका आगे का हिस्सा एलिवेटेड है। इसके बनने से दिल्ली से देहरादून तक यात्रा समय घटकर तकरीबन ढाई – तीन घंटे रह गया है, जोकि पूर्व में 7- 8 घंटे के करीब होता था।