उत्तराखंड : उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुमोदन के पश्चात 50 या उससे अधिक श्रमिकों वाली इंजीनियरिंग इकाइयों और उद्योगों के लिए न्यूनतम मजदूरी की नई दरें निर्धारित कर दी गई हैं।
उत्तराखंड के उद्योगों और इंजीनियरिंग इकाइयों, निजी और अनुसूचित संस्थानों के तीन लाख से ज्यादा श्रमिकों को धामी सरकार ने बड़ी सौगात देते हुए राहत प्रदान की है। बीस साल के पश्चात उद्योगों, इंजीनियरिंग इकाइयों के श्रमिकों का न्यूनतम वेतन पुनरीक्षित किया गया है तो निजी व अनुसूचित संस्थानों के श्रमिकों का वेतन पुनरीक्षण के बाद वीडीए 518 रुपये कर दिया गया है।
सीएम धामी के अनुमोदन के बाद 50 या उससे अधिक श्रमिकों वाली इंजीनियरिंग इकाइयों और उद्योगों के लिए न्यूनतम मजदूरी की नई दरें निर्धारित हो गई हैं जोकि 01 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी। सचिव की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, इंजीनियरिंग इकाइयों में वेतन पुनरीक्षण पिछले करीब बीस वर्षों से लंबित चला आ रहा था।
अब उत्तराखंड के श्रमिकों का वेतन पड़ोसी राज्यों से अधिक हो गया है। वेतन में वृद्धि न की गई तो नोएडा जैसी औद्योगिक अशांति यहां भी उत्पन्न होने की आशंका थी। अशांति की आशंका के चलते धामी सरकार ने समय से ही यह फैसला ले लिया है।
उत्तराखंड की इंजीनियरिंग इकाइयों, उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों का वेतन अब यूपी समेत कई राज्यों से ज्यादा हो गया है। धामी सरकार ने नोएडा जैसी औद्योगिक अशांति की आशंका के बीच पहले ही यह फैसला ले लिया। ऊधमसिंह नगर के जिलाधिकारी ने 18 अप्रैल को मजदूरों के शोषण होने, न्यूनतम वेतन में वृद्धि करने के संबंध में श्रमिक संगठनों, एसोसिएशन का ज्ञापन व श्रमिक अशांति के परिणामस्वरूप कुछ औद्योगिक इकाइयों के नियोक्ताओं व कर्मकार प्रतिनिधियों से हुई वार्ता की सूचना श्रमायुक्त को प्रेषित की थी।
उन्होंने आशंका व्यक्त की थी कि वेतन में वृद्धि न की गई तो नोएडा जैसी औद्योगिक अशांति यहां भी उत्पन्न हो सकती है। श्रमायुक्त ने इस ज्ञापन का तत्काल संज्ञान लेते हुए शासन को इस विषय में अवगत कराया। शासन द्वारा बीस वर्ष पुरानी अधिसूचना के कारण कई वर्षों के दौरान जीवनयापन के खर्च में बढ़ोतरी के बावजूद श्रमिकों की क्रयशक्ति में कमीं के चलते असंतोष का संज्ञान लिया गया।
मुख्यमंत्री धामी ने सचिव श्रम की अध्यक्षता में त्रिदलीय समिति गठित की जिसकी बैठक 27 अप्रैल को आयोजित की गई। बैठक में समिति द्वारा प्रस्तुत की गई रिपोर्ट पर मुख्यमंत्री ने अनुमोदन दे दिया। इसके उपरांत बुधवार से ही नई दरें जारी कर दी गईं। इसमें विशेष बात ये है कि अब पड़ोसी राज्यों से भी ज्यादा वेतन उत्तराखंड के श्रमिकों को मिलेगा।
उत्तराखंड के श्रमायुक्त के अनुसार, मुख्यमंत्री के अनुमोदन के पश्चात श्रमिकों को न्यूनतम वेतन बढ़ने और वीडीए की सौगात मिल गई है। निर्देश जारी किए जा चुके हैं कि मई के वेतन में उन्हें इसका लाभ मिल सकेगा। इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजने के अलावा उप श्रमायुक्तों को भी निर्देशित किया गया है।
