उत्तराखंड/ उत्तर प्रदेश : बुद्ध पूर्णिमा स्नान के लिए शुक्रवार को हरिद्वार गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। जय मां गंगे के जयघोष से सारे घाट गूंज उठे। बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर धर्मनगरी हरिद्वार में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। हर की पौड़ी सहित गंगा घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।
हर हर गंगे के जयघोष से पूरा घाट क्षेत्र गूंज उठा, जिससे माहौल पूर्ण रूप से भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए और घाटों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई।
ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी की मदद से लगातार निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग और ट्रैफिक डायवर्जन की भी विशेष व्यवस्था लागू की गई, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न होने पाए।
बुद्ध पूर्णिमा पर उत्तर प्रदेश में श्रावस्ती स्थित बौद्ध तपोस्थली शुक्रवार को पर्यटकों से गुलजार रही। बुद्ध पूर्णिमा के शुभ अवसर पर दर्शन-पूजन के लिए देश विदेश से हजारों की संख्या में पर्यटक यहां पहुंचे। पर्यटकों ने गंध कुटी, जेतवन परिसर में विशेष पूजा की। बौद्ध सोसायटी के सौजन्य से प्रभात फेरी भी निकाली गई।
हापुड़ में भी बुद्ध पूर्णिमा के पर्व पर विभिन्न राज्यों से आए लाखों श्रद्धालुओं ने ब्रजघाट, पुष्पावती पूठ और लठीरा के तट पर मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पूजा अर्चना के उपरांत गरीबों को दान दक्षिणा दी।
दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दूरस्थ जनपदों के श्रद्धालुओं का आगमन बृहस्पतिवार की शाम से ही प्रारंभ हो गया था। इसके चलते दिन ढलते ही तीर्थनगरी की धर्मशाला, मंदिर और आश्रम श्रद्धालुओं से भर गए। भारी भीड़ की वजह से कई श्रद्धालुओं को पक्के बांध, मुख्य बाजार, स्टेशन रोड, शिव चौक समेत खुले स्थानों पर लेटकर रात बितानी पड़ी।
पौराणिक मान्यता के अनुसार बुद्ध पूर्णिमा के दिन भगवान बुद्ध का अवतरण हुआ था। आज ही के दिन उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई थी और आज ही के दिन उनका निर्वाण भी हुआ था। इस दिन गंगा स्नान का भी खास महत्व बताया जाता है। आज के दिन गंगा स्नान, दान, और भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का पूजन विशेष फलदायी माना जाता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, आज के दिन गंगा स्नान करने से पूरे वैशाख मास में रोजाना स्नान करने के बराबर फल प्राप्त होता है।
