उत्तर प्रदेश : उत्तर प्रदेश के नोएडा में श्रमिकों द्वारा किए गए हिंसक प्रदर्शन के दौरान आरोपियों ने चेहरे को नकाब या कपड़े से ढककर अलग-अलग जगहों पर तोड़फोड़ और आगजनी की। 200 से ज्यादा घटनास्थलों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से इनकी पहचान में आसानी हुई है।
जांच में सामने आया है कि उपद्रवियों द्वारा 13 अप्रैल से पूर्व ही प्रदर्शन को हिंसक बनाने का प्रयास किया था। इसके लिए श्रमिकों को उकसाया भी गया था परन्तु जब उनके मंसूबे कामयाब नहीं हुए तो एक दिन में ही 50 से अधिक व्हाट्सएप ग्रुप बना लिए और क्यूआर कोड से जोड़कर प्रदर्शन को हिंसक बना दिया।
हिंसा मामले में गिरफ्तार आदित्य और रुपेश भी कई ग्रुप से जुड़े हुए थे और ग्रुप से कई डेटा डिलीट भी किए गए हैं। पुलिस अब इनको रिकवर करने का प्रयास कर रही है। पुलिस का मानना है कि इसमें प्रदर्शन से जुड़ी अहम जानकारी सामने आ पाएगी। नोएडा प्रदर्शन से संबंधित कई ऑडियो और स्क्रीनशॉट भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं जिनमें पेट्रोल बम, मिर्ची पाउडर और आगजनी का जिक्र है। ऑडियो में जिस व्यक्ति की आवाज सुनाई दे रही है, टीमें उसकी पहचान हो जाने का दावा कर रही हैं।
नोएडा में हुए श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन के बाद गठित की गई हाई पॉवर कमेटी में शामिल उद्यमियों ने शुक्रवार को लखनऊ में औद्योगिक विकास आयुक्त को 16 बिंदुओं की रिपोर्ट सौंपी। एनईए अध्यक्ष के नेतृत्व में उद्यमियों के प्रतिनिधिमंडल ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि अधिकतर बिंदुओं पर सहमति बन गई है, विशेषकर ऐसे मामले जिनमें अधिकारी खुद निर्णय लेने में सक्षम हैं।
औद्योगिक विकास आयुक्त ने गैस सिलिंडर की उपलब्धता और उसकी मॉनिटरिंग की बात मानी है। ऐसी परिस्थिति में सख्ती बढ़ाई जाएगी और श्रमिकों को प्राथमिकता के आधार पर ही गैस सिलिंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। रिपोर्ट में दिल्ली की तर्ज पर पूरे जिले में अटल रसोई प्रारंभ करने की बात पर भी अधिकारियों ने संतुष्टि जताई। उन्होंने कहा कि इस पर परियोजना तैयार कर उसे अमल में लाया जाएगा, जिसके तहत कामगारों को काफी कम रुपए में ही खाना उपलब्ध हो सकेगा।
हिंसा के आरोपी आदित्य आनंद, रुपेश राय और सत्यम वर्मा की रिमांड के संबंध में शुक्रवार को आदेश जारी नहीं हो पाया। इससे पहले बृहस्पतिवार को रिमांड पर बहस के पश्चात अदालत ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। पुलिस तीनों आरोपियों को रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में याचिका प्रस्तुत की थी जिस पर बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई और आदेश शुक्रवार को आने की उम्मीद थी। जिला दीवानी एवं फौजदारी न्यायालय में शनिवार को अवकाश रहेगा।
फेज-2 कोतवाली क्षेत्र में दर्ज हिंसा और उपद्रव से जुड़े मामले में तीन महिला आरोपियों को पुलिस ने जेल से लाकर पूछताछ प्रारंभ कर दी है। आरोपियों के मोबाइल, डिजिटल चैट, सोशल मीडिया रिकॉर्ड आदि से घटना के विषय में जानकारी हासिल की गई। आरोपियों की निशानदेही पर मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्य जुटाए गए। व्हाट्सएप ग्रुप, सोशल मीडिया नेटवर्क और अन्य संदिग्धों के बारे में भी जानकारी एकत्रित की जा रही है।
