उत्तर प्रदेश : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य वासियों से ईंधन की खपत कम करने, अनावश्यक सोने की खरीदारी से बचने और सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने सरकारी बैठकों को वर्चुअल करने, वीआईपी फ्लीट में पचास प्रतिशत कटौती और वर्क फ्रॉम होम संस्कृति को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए।
खाड़ी संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री के आह्वान के मद्देनजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी प्रदेशवासियों से ईंधन की खपत घटाने और सोने की खरीददारी न करने की अपील की है। वहीं, सीएम ने खुद की फ्लीट के साथ ही सभी मंत्रियों के फ्लीट में वाहनों की संख्या में 50 प्रतिशत तक कमी करने के निर्देश दिए हैं।
सीएम ने कहा कि फ्लीट में अनावश्यक वाहनों को कम किया जाए। साथ ही उन्होंने पीएनजी, मेट्रो, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों आदि के उपयोग पर विशेष बल दिया। सीएम के निर्देश के बाद इससे संबंधित गाईडलाइन जल्द जारी कर दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार देर रात्रि मुख्य सचिव, डीजीपी और सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में वर्क फ्रॉम होम को प्राथमिकता देने की अपील करते हुए कहा कि औद्योगिक विकास विभाग व आईआईडीसी द्वारा औद्योगिक संस्थानों, बड़े स्टार्टअप आदि में वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था को लागू कराने की पहल की जाए।
साथ ही सरकारी बैठकों, सेमिनारों, कॉन्फ्रेंस, वर्कशॉप आदि के वर्चुअली शामिल होने की व्यवस्था को लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि जहां बड़ी संख्या में कार्मिक कार्यरत हैं, उन्हें सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम की सुविधा प्रदान की जाए। उन्होंने अधिकारियों को राज्य स्तर पर इसका पालन करने के संबंध में एडवाइजरी जारी करने के लिए निर्देश दिए।
सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान को प्रदेश में व्यावहारिक रूप से अपनाए जाने की अपील करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के आह्वान का पालन करने के लिए राज्यों को तत्पर रहना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्री, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि सप्ताह में एक दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग अवश्य करें। साथ ही सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे आयोजित किया जाए। इस अभियान से सरकारी कर्मचारियों, स्कूलों-कॉलेजों के विद्यार्थियों समेत समाज के विभिन्न वर्गों को भी जोड़ा जाए।
सीएम ने शिक्षा विभाग के सेमिनारों, बैठकों, वर्कशॉप समेत सरकारी बैठकों आदि का आयोजन वर्चुअली माध्यम से करने के साथ राज्य सचिवालय निदेशालय की 50 प्रतिशत आंतरिक बैठकें भी वर्चुअली करने के निर्देश दिए। स्कूल-कॉलेजों में स्कूली बस के प्रयोग को प्रोत्साहित करने पर भी बल दिया।
उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर परिवहन निगम की बसों को भी स्कूलों से जोड़ा जाए। उन्होंने पीक ऑवर में ईंधन का उपयोग कम करने के लिए कार्यालय समय को अलग-अलग बैचों में बांटने का सुझाव भी दिया। सार्वजनिक परिवहन, साइक्लिंग, कार पूलिंग, ईवी के प्रयोग पर जोर देते हुए कहा कि मेट्रो वाले शहरों में इसका अधिकतम प्रयोग किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से विद्युत बचाने की अपील करते हुए कहा कि सरकारी भवनों, घरों, निजी प्रतिष्ठानों आदि में यथासंभव बिजली की बचत करें। रात्रि 10 बजे के पश्चात सजावटी लाइटों का न्यूनतम प्रयोग किया जाए। सीएम ने सार्वजनिक साइकिलिंग शेयरिंग योजना को प्रोत्साहित करने पर जोर देते हुए प्रदेशवासियों से अगले छह माह तक गैर आवश्यक विदेशी यात्रा न करने की अपील की है।
