हिमाचल प्रदेश : हिमाचल प्रदेश के हाईकोर्ट ने कसोल रेव पार्टी मामले में कुल्लू के डीसी, एसपी और संबंधित एसडीएम के एक सप्ताह के भीतर तबादले के निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने विभागीय जांच, डीआईजी की निगरानी में एसआईटी गठन और एफआईआर दर्ज करने का भी आदेश जारी किया है।
हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कुल्लू के कसोल, पार्वती घाटी में नियमों को ताक पर रखकर आयोजित की गई रेव पार्टी पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को एक सप्ताह में कुल्लू के डीसी, एसपी और संबंधित एसडीएम के ट्रांसफर करने के आदेश जारी किए हैं।
साथ ही इन तीनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए डीआईजी स्तर के अधिकारी की देखरेख में एसआईटी गठित करने का निर्देश भी दिए हैं।
अदालत ने कहा कि प्रशासनिक विश्वास बहाल करने के लिए कुल्लू में तुरंत योग्य आईपीएस कैडर के एसपी को तैनात किया जाए, जो एसआईटी का हिस्सा भी होंगे। खंडपीठ ने कहा कि आयोजकों और अधिकारियों के बीच के गठजोड़ की जांच के लिए डीआईजी रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में तीनों जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। मामले की अगली सुनवाई 06 अगस्त को अनुपालन रिपोर्ट के साथ होगी।
विदित हो कि जनहित याचिका में बताया गया है कि कसोल के ग्रीन फॉरेस्ट में 07 जून से 11 जून तक बड़े पैमाने पर रेव पार्टी का आयोजन किया गया था। इस रेव पार्टी में देश-विदेश यानि देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, बंगलूरू, हैदराबाद, गोवा, चंडीगढ़ और इजराइल से हजारों पर्यटक पहुंचे थे।
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि 05 जून को ही मणिकर्ण के थाना प्रभारी और पुलिस उपअधीक्षक ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से चेतावनी दी थी कि इस सुनसान जंगली इलाके में हजारों लोगों के जुटने की संभावना बनी हुई है। वहां मादक पदार्थों की तस्करी और उपभोग की भी पूर्ण संभावना व्यक्त की गई थी। थाने में पुलिस बल सीमित होने की वजह से प्रत्येक व्यक्ति पर नजर रखना मुमकिन नहीं हो पाएगा।
अदालत ने पाया कि इस गंभीर और प्रतिकूल रिपोर्ट के बावजूद अगले ही दिन 06 जून को एसडीएम की ओर से आयोजकों को लाउड म्यूजिक बजाने की अनुमति प्रदान कर दी गई। अदालत ने पाया कि कुल्लू के एसपी मदन लाल ने अपने हलफनामे में दावा किया था कि मौके पर कोई सीसीटीवी कैमरा चालू नहीं मिला।
जबकि डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी के सचिव की निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार वहां 10 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगे थे और उन्होंने खुद मौके से डीवीआर जब्त कर पुलिस को सौंपा था। कोर्ट ने एसपी के इस विरोधाभासी बयान पर गंभीर नाराजगी व्यक्त की।
न्यायालय ने कहा कि यदि 09 जून को कोर्ट की वेकेशन बेंच ने मामले में दखल न दिया होता, तो यह पार्टी प्रशासन की नाक के नीचे 11 जून तक धड़ल्ले से चलती रहती। यह स्पष्ट तौर पर प्रशासनिक सरेंडर और मिलीभगत का मामला है। अदालत ने कहा कि व्यावसायिक स्तर पर इतने बड़े कार्यक्रम का आयोजन स्थानीय प्रशासन से संरक्षण प्राप्त किए बिना संभव नहीं हो सकता।
हाईकोर्ट के वेकेशन बेंच के संज्ञान लेने के बाद पुलिस ने घटनास्थल पर छापा मारा। जांच दल की रिपोर्ट के अनुसार मौके से कोकीन और एलएसडी ड्रग्स के साथ दो पर्यटकों को गिरफ्तार किया गया। मौके से बिना परमिट के पिलाई जा रही भारी मात्रा में शराब, बीयर की बोतलें, चरस और गांजा भरने के लिए इस्तेमाल होने वाले रोलिंग पेपर्स आदि बरामद किए गए।
इस पार्टी में डीजे का काम कर रही रूस की डारिया कुजमिनिख की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। शुरुआती जांच में मौत की वजह ड्रग ओवरडोज मानी जा रही है। रात 10 बजे तक की अनुमति के बावजूद इस पार्टी में रात्रि 11 बजे तक तेज संगीत बजाने का टाइम टेबल बनाया गया था।
