नई दिल्ली : इंडिगो एयरलाइन कंपनी खुद को सिर्फ एक एयरलाइन कंपनी तक सीमित नहीं रखना चाहती। इसलिए वह यात्रियों के पूरे यात्रा अनुभव को अधिक आसान और सुविधाजनक बनाने पर कार्य कर रही है।
देश की प्रमुख एयरलाइन इंडिगो ने यात्रियों की सुविधा के लिए कैब विथ इंडिगो नाम से नई एयरपोर्ट टैक्सी सेवा प्रारंभ की है। इस सेवा का उद्देश्य यात्रियों को एयरपोर्ट आने-जाने के लिए भरोसेमंद, समय पर और बिना परेशानी वाला सफर उपलब्ध कराना है। कंपनी के मुताबिक, यह सुविधा देशभर के प्रमुख शहरों में उपलब्ध रहेगी।
इसे इंडिगो ब्लूचिप लॉयल्टी प्रोग्राम से भी सम्बद्ध किया गया है। इसके तहत ग्राहक प्रत्येक 100 रुपए खर्च करने पर पांच ब्लूचिप कमा सकेंगे। इससे यात्रियों को यात्रा के दौरान अतिरिक्त रिवॉर्ड्स पाने का अवसर प्राप्त हो सकेगा।
दरअसल, कंपनी खुद को केवल एक एयरलाइन कंपनी तक ही सीमित नहीं रखना चाहती। इसलिए वह यात्रियों के संपूर्ण यात्रा अनुभव को पहले से अधिक आसान और सुविधाजनक बनाने पर जोर दे रही है। बता दें कि इस दिशा में कंपनी पहले से ही यात्रियों को 7 लाख से अधिक होटल विकल्प और चुनिंदा पर्यटन स्थलों की बुकिंग की सुविधा उपलब्ध करा रही है। इन सेवाओं से यात्रियों को एक ही प्लेटफॉर्म पर यात्रा से जुड़ी कई सेवाएं प्राप्त हो रही हैं।
अब कैब विद इंडिगो सेवा जुड़ने से कंपनी का ट्रैवल नेटवर्क और अधिक सशक्त हो गया है। यह नई सुविधा मोजो बॉक्स के जरिए संचालित की जा रही है। इसे खास तौर पर हवाई यात्रा के दौरान आने वाली समस्याओं के मद्देनजर तैयार किया गया है। इसका मकसद यात्रियों को एयरपोर्ट तक आने-जाने का आसान और बेहतर अनुभव प्रदान करना है।
कैब विथ इंडिगो सेवा के तहत यात्रियों को कई सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। कंपनी के मुताबिक यह नई सेवा यात्रियों की परेशानियों को कम करने के लिए शुरू की गई है। इसका मकसद यात्रियों को अपने घर से एयरपोर्ट तक और एयरपोर्ट से अपने अंतिम गंतव्य स्थल तक आसान, भरोसेमंद और बिना परेशानी वाला सफर उपलब्ध कराना है।
इसके तहत मात्र 49 रुपए में कैब रिजर्व करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी और पिकअप समय तक मुफ्त कैंसिलेशन की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। फ्लाइट में देरी होने पर 30 मिनट तक मुफ्त वेटिंग का लाभ भी दिया जाएगा।
कंपनी ने बताया कि यह सेवा वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर उपलब्ध है। यात्री अब एक ही प्लेटफॉर्म से फ्लाइट, होटल और कैब की बुकिंग कर सकेंगे। इस नई सुविधा के जरिए इंडिगो का लक्ष्य यात्रियों को ज्यादा सुविधाजनक, भरोसेमंद और बेहतर यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना है। कंपनी का उद्देश्य अपने प्लेटफॉर्म को सिर्फ एयरलाइन सेवा तक सीमित रखने के स्थान पर एक ऑल-इन-वन ट्रैवल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित करना है।
वहीं दूसरी ओर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात में भारत टैक्सी सर्विस लॉन्च कर दी है। यह ड्राइवर्स के स्वामित्व वाली देश की पहली कैब सर्विस है। निजी कैब कंपनियों की मनमानी और कैंसिलेशन की समस्याओं का एक नया और ठोस समाधान इस सहकारी ढांचे के जरिए सामने आया है।
केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को गुजरात में भारत टैक्सी सर्विस को आधिकारिक रूप से लॉन्च किया। यह भारत का प्रथम ऐसा राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है, जिसका मालिकाना हक सीधे तौर पर इसे चलाने वाले ड्राइवर्स के पास होगा। भारतीय मोबिलिटी सेक्टर में इस पहल को ट्रांसपोर्टेशन एक्सेसिबिलिटी के एक नए युग का प्रारंभ माना जा रहा है।
इस सेवा की लॉन्चिंग के पहले चरण में इस सेवा को गुजरात राज्य के 14 प्रमुख शहरों में प्रारंभ किया गया है। सरकार और सहकारिता मंत्रालय का लक्ष्य बेहद स्पष्ट है और उन्होंने अगले एक माह के भीतर इस सर्विस के ऑपरेशंस का विस्तार समूचे गुजरात राज्य में करने की योजना तैयार की है।
लॉन्चिंग कार्यक्रम के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि भारत के आर्थिक विकास के साथ टैक्सी सेवाओं की मांग में भारी बढ़ोतरी हुई है और आज यह जरूरत प्रत्येक घर तक पहुंच गई है। प्राइवेट सेक्टर की टैक्सी सेवाओं में कई तरह की दिक्कतें उभर कर सामने आ रही थीं, जिससे परेशान होकर आम जनता और ड्राइवर्स दोनों ने ही उनसे मुलाकात कर समाधान की उम्मीद जताई थी। इसी वजह से एक नए सहकारी ढांचे को विकसित करने का फैसला लिया गया।
अमित शाह के मुताबिक, जब यह मुद्दा उनके समक्ष आया तो शुरुआत में यह विचार भी आया था कि सरकार को प्राइवेट कैब कंपनियों को नियंत्रित करने के लिए एक नया कानून बनाना चाहिए। परंतु उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल एक नया कानून बना देना किसी भी समस्या का 100 प्रतिशत समाधान नहीं हो सकता। यही कारण है कि सिर्फ कानूनी बंदिशों पर निर्भर रहने के बजाय सरकार ने एक ऐसा बिजनेस मॉडल तलाशने का निर्णय लिया जो बुनियादी रूप से ही शोषण से मुक्त हो।
इस बिजनेस मॉडल के पीछे का सबसे बड़ा विचार कैब सेक्टर से शोषण-आधारित व्यापार को समाप्त करना है। जब टैक्सी सर्विस को-ऑपरेटिव मॉडल पर चलेगी, तो मुनाफे और कंट्रोल का एक बड़ा हिस्सा सीधे ड्राइवर्स के पास रहेगा, जिससे प्राइवेट कंपनियों द्वारा होने वाला शोषण स्वयं ही कम होने लगेगा।
गृह मंत्री ने इस बात पर भी बल डाला कि भारत ने सहकारिता के माध्यम से कई अन्य सेक्टर्स में शानदार सफलता हासिल की है, इसलिए यही मॉडल टैक्सी सेक्टर की समस्याओं का भी एक सार्थक और प्रभावी समाधान बन सकता है। भारत टैक्सी का यह नया प्रयोग भारतीय मोबिलिटी सेक्टर के लिए एक अति महत्वपूर्ण कदम है। यदि गुजरात में यह पायलट प्रोजेक्ट उम्मीद के मुताबिक सफलता हासिल कर लेता है, तो है कि यह देश भर में राइड-हेलिंग बिजनेस के तौर-तरीकों को हमेशा के लिए बदल सकता है।
